सहारनपुर में नामांकन के दौरान हंगामा करते बसपा कार्यकर्ता।
- फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कल तक बसपा के जिस प्रत्याशी ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ने की पूरी तैयारी कर रखी थी, वह शनिवार को नामांकन करने नहीं पहुंचा तो संयुक्त मोर्चा के नेताओं की धड़कनें तेज हो गईं। सुगबुगाहट हुई कि वह नहीं आएंगे तो, नेताओं की बेचैनी और बढ़ गई। जैसे जैसे नामांकन का निर्धारित समय नजदीक आ रहा था, वैसे ही सियासी समीकरण बदलता जा रहा था, क्योंकि तब तक सिर्फ भाजपा प्रत्याशी ने ही नामांकन किया था।
इससे एक बारगी माना जा रहा था कि अकेले भाजपा प्रत्याशी का ही नामांकनपत्र जमा हुआ है तो, चुनाव निर्विरोध हो सकता है, लेकिन डेढ़ बजे के आसपास कांग्रेस नेता इमरान मसूद कलक्ट्रेट पहुंचे।
वह अपने साथ कई जिला पंचायत सदस्यों को भी लाए थे, वह भी बसपा प्रत्याशी के नहीं पहुंचने पर हड़बड़ाए और तत्काल बसपा प्रत्याशी के सेक्टर 99 कॉलोनी में बने ऑफिस पर पहुंच गए। वहां नामांकन पत्र जमा कराने को लेकर नेताओं में जद्दोजहद चल रही थी।
उधर, इसी बीच कांग्रेस जिलाध्यक्ष की मौजूदगी में बसपा के जोनी उर्फ जयवीर का नामांकन पत्र जमा करा दिया गया। तब तक पौने तीन बज चुके थे। इसी दौरान बसपा नेता नवीन खटाना भी अपनी मां शिमला देवी के साथ कलक्ट्रेट पहुंच गए। वहां पर उन्होंने बसपा के जोनी उर्फ जयवीर से कहा कि तुम अपना नामांकन वापस ले लो तो जयवीर ने कहा कि यह बात बाद में हो जाएगी।
इस बात को लेकर नामांकन कक्ष में ही नवीन खटाना और जयवीर के बीच गहमागहमी तक हुई, लेकिन जयवीर ने अपना नामांकन वापस नहीं लिया। इस पर नवीन खटाना बगैर नामांकन कराए ही अपनी मां शिमला देवी को लेकर वहां से लौट गए।
हमने संयुक्त मोर्चा का धर्म निभाया: इमरान
कांग्रेस नेता इमरान मसूद का कहना है कि संयुक्त मोर्चे का गठन भाजपा को हराने के लिए किया गया था, जिस पर वह अब भी अडिग हैं और उसी कारण नवीन खटाना के साथ खड़े रहे। अब भी भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़ रहे जोनी उर्फ जयवीर का पूरा साथ देंगे।