सहारनपुर के चिलकाना में बीटीसी प्रशिक्षण के लिए अभ्यर्थियों को निजी कॉलेज आवंटित करने के नाम पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में जमकर हंगामा हुआ। मौके पर पहुंचे डीआईओएस ने अभ्यर्थियों को समझाते हुए उनकी समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पटनी में चार दिन से निजी कॉलेज में अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण के लिए कॉलेज आवंटित करने की प्रक्रिया चल रही है। निजी कॉलेज में प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों से उनकी पसंद के पांच कॉलेज के नाम मांगे गए थे।
सभी अभ्यर्थियों ने अपने हिसाब से कॉलेज के नाम डायट कार्यालय में जमा करा दिए थे। डायट ने अभ्यर्थियों की जो सूची 21 सितंबर को चस्पा की। सूची में नाम न होने पर अभ्यर्थियों ने डायट में जमकर हंगामा किया और डायट प्रशासन पर कॉलेज आवंटन में धांधली का आरोप लगा दिया।
अभ्यर्थियों ने डायट में हंगामा करते हुए नारेबाजी की और कॉलेज आवंटन में रिश्वत लेने का आरोप लगाया। हंगामे की सूचना मिलने पर चिलकाना पुलिस मौके पर पहुंची और डायट प्राचार्य का घेराव करने वालों को बाहर निकाला।
प्रवीण, तेजपाल, मांगेराम, पंकज, दीपक, सौरभ, प्रीति, रितिका, प्रियंका, काकू आदि ने बताया कि उन्हें जो कॉलेज दिया गया है, वह उन्होंने मांगा भी नहीं था। डायट में पूछने पर उनसे अभद्र व्यवहार किया।
जो कॉलेज उन्हें आवंटित किया गया है, वह कॉलेज भी निर्धारित शुल्क से ज्यादा शुल्क की मांग कर रहे हैं। अभ्यर्थियों ने डायट के दो लिपिकों पर कॉलेज आवंटन में सुविधा शुल्क लेने का आरोप लगाया।
डायट में हंगामे की सूचना पर डीआईओएस आरके तिवारी पहुंचे। उन्होंने अभ्यर्थियों को समझाने का प्रयास किया। तिवारी ने कहा कि उनकी समस्याओं के समाधान के प्रयास किए जाएंगे। सभी अभ्यर्थियों से पुन: कॉलेज आवंटन की सूची ली जाएगी। प्राचार्य अनुराधा शर्मा ने कहा कि अभ्यर्थियों को कॉलेज आवंटन का कार्य लिपिक कमाल खान और मलिक बाबू को दिया था, उनसे पूछताछ की जाएगी।