सहारनपुर। बिना हेलमेट के सड़क हादसों में जान जा रही है। इसके बाद भी लोग नहीं सुधर रहे हैं। एक साल में आरटीओ और यातायात पुलिस ने 2,10,161 लोगों को बिना हेलमेट वाहन चलाते पकड़ा। इन लोगों ने 21.01 करोड़ रुपये का जुर्माना भरा। यातायात पुलिस के मुताबिक, आईएसआई मार्का का एक हेलमेट औसतन 900 में आ जाता है। इस हिसाब से जुर्माने की रकम से 2,33,512 हेलमेट आ सकते थे।
संभागीय परिवहन विभाग और यातायात पुलिस जागरूकता के लिए समय-समय पर अभियान चलाती है। इसके साथ ही सड़क हादसों में कमी लाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। तीन बार चालान होने पर लाइसेंस निलंबित करने का प्रावधान है। जागरूकता अभियान और चालानों के बाद भी चालक हेलमेट की आदत नहीं डाल रहे। आरटीओ व यातायात पुलिस ने एक मार्च 2025 से 28 फरवरी 2026 के दौरान 2,10,161 दोपहिया वाहन चालकों के चालान किए। इन पर 21 करोड़ एक लाख 61 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। कई लोग ऐसे हैं, जिनका कई-कई बार चालान हो चुका है, लेकिन फिर भी हेलमेट नहीं लगा रहे हैं। बिना हेलमेट में एक हजार रुपये का चालान होता है।
लापरवाही ने भरा आरटीओ व यातायात पुलिस का खजाना
यातायात पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक, एक मार्च 2025 से 28 फरवरी तक 1.95 लाख चालान बिना हेलमेट किए। इन पर 19 करोड़ 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। इसी तरह संभागीय परिवहन विभाग ने बिना हेलमेट में 15161 चालान किए। इन पर एक करोड़ 51 लाख 61 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इनमें से अधिकांश लोग जुर्माना भर चुके हैं।
यातायात नियमों को लेकर समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाया जाता है। हेलमेट को बोझ नहीं समझना चाहिए। वह ड्राइविंग के समय का सुरक्षा कवच है। लोग नियम मानेंगे तो सड़क हादसों में कमी आएगी।
शैलेंद्र कुमार श्रीवास्तव, एसपी यातायात