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शपथ नहीं ली, पर बखूबी निभा रहे जिम्मेदारी

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सहारनपुर। ग्राम प्रधान बने, पर शपथ ग्रहण नहीं कर पाए। क्योंकि कम सदस्यों की वजह से ग्राम पंचायत का कोरम पूरा नहीं हुआ, लेकिन बावजूद ऐसे प्रधानों ने अपनी जिम्मेदारी से मुंह नहीं मोड़ा है। गांव में सफाई व्यवस्था से लेकर सैनिटाइजेशन तक करा रहे हैं। हालांकि शपथ ग्रहण नहीं होने और समितियों का गठन नहीं होने से ग्राम पंचायत स्तर पर होने वाले विकास कार्यों के प्रस्ताव सहित अन्य कार्यों पर अभी ग्रहण लग गया है और ग्राम पंचायत सदस्यों के रिक्त पदों पर निर्वाचन होने पर ही विकास का पहिया दौड़ पाएगा।
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प्रधान बोले, सरकार बजट दे, कराएंगे विकास
साढ़ौली कदीम विकास खंड की ग्राम पंचायत रोगला हथौली में पंचायत सदस्यों के सभी 11 पद रिक्त हैं। ऐसे में नवनिर्वाचित प्रधान दीपमाला की शपथ नहीं हो सकी है। उनका कहना है कि शपथ न होने से गांव में समय से होने वाले विकास कार्यों को ग्रहण लग गया है। शासन की गाइडलाइन की प्रतीक्षा करनी पड़ेगी। जब तक कुछ दिशा निर्देश नहीं मिलते गांव में विकास कार्य पूरी तरह बाधित रहेंगे। सरकार को चाहिए कि वह सदस्यों का चुनाव होने तक बजट प्रदान कर आवश्यक कार्य कराने की छूट प्रदान करे।
गांव तल्हेड़ी बुजुर्ग में युवा प्रधान विपिन सैनी (30) को ग्रामीणों ने गांव की बागडोर सौंपी है। उन्होंने बताया कि उनके यहां पेयजल किल्लत, स्कूलों की बिगड़ी व्यवस्था में सुधार के साथ ही बच्चों के लिए स्टेडियम की स्थापना का काम उन्हें शुरू कराना था, लेकिन अभी शपथ ग्रहण न होने की वजह से अवरोध खड़ा हो गया है। कार्य संचालन के लिए पंचायत की समितियों का भी गठन नहीं हो सकेगा।
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अपने खर्च से कराया कीटनाशक का छिड़काव
देवबंद ब्लाक की सुल्तानपुर ग्राम पंचायत के नवनिर्वाचित प्रधान अनिल कुमार पशु चिकित्सक हैं। उनका कहना है कि शपथ न लेने से उनके जज्बे में कोई कमी नहीं आई है। उन्हें गांव के विकास के लिए काम करना है। चुनाव परिणाम आने के बाद से ही इस दिशा में प्रयासरत हैं। अपनी पंचायत के दोनों गांवों रास्तम व सुल्तानपुर में चार बार अपने खर्च पर कीटनाशक का छिड़काव करा चुके हैं। सफाई कार्य भी लगातार चल रहा है। शपथ के बाद जैसे ही बजट मिलेगा, निर्माण संबंधी कार्य भी युद्ध स्तर पर कराए जाएंगे।
इसी तरह तीतरो क्षेत्र की ग्राम पंचायत बहलोलपुर की निर्वाचित प्रधान रविशा देवी का कहना है कि शपथ ग्रहण न होने से मनरेगा कार्य के प्रस्ताव, सड़क, नाली आदि के कार्य अधर में लटक गए हैं। हालांकि वे इस बात से हिम्मत नहीं हार रही हैं और निजी खर्च से गांव को सैनिटाइज कराने के साथ ही ग्रामीणों को मास्क बांटे हैं। सफाई कार्य भी कराया जा रहा है।
अभी ठीक नहीं करा पाएंगे हैंडपंप
शाकंभरी क्षेत्र के गांव रामपुर बड़कला के नवनियुक्त ग्राम प्रधान संजय चौधरी ने बताया कि शपथ ग्रहण न होने से पंचायत के अधिकतर विकास कार्य बाधित हो जाएंगे। उनके यहां सबसे बड़ी दिक्कत प्रचंड गर्मी में पेयजल किल्लत की है। उन्होंने सोच रखा था कि शपथ होते ही सबसे पहले खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत कराकर पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा, लेकिन अभी कोई काम नहीं कर सकेंगे।
बड़गांव क्षेत्र के गांव दल्हेड़ी के प्रधान सुरेंद्र प्रजापति ने बताया कि शपथ न लेने के कारण गांव में कोई भी विकास कार्य नहीं हो पाएगा। सदस्यों के अभाव में पंचायत की समितियों का गठन भी नहीं हो सकेगा। सरकार को तत्काल गांवों के लिए सदस्य चुनाव से पहले ही बजट जारी करना चाहिए नहीं तो सारी व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होगी।
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