अधिकारियों ने न्यू पिलखनी से कलानौर तक किया लोकोमोटिव में बैठ कर सफर
सरसावा(सहारनपुर)। मालवाहक रेलगाड़ी के लिए बनाए गए डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के 18 किलोमीटर लंबे इलेक्ट्रिक रेलवे ट्रैक का परीक्षण हुआ। इस दौरान इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव को न्यू पिलखनी रेलवे स्टेशन से कलानौर रेलवे स्टेशन तक नए रेलवे ट्रैक पर दौड़ाया गया जो सफल रहा। मुख्य परियोजना प्रबंधक ने स्वयं लोकोमोटिव में सवार होकर पूरे ट्रैक का परीक्षण किया।
रेलवे की माल ढुलाई के लिए बनाई गई वृहद एवं महत्वाकांक्षी परियोजना के एक महत्वपूर्ण अंग विशेष मालवाहक गलियारा (डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर) के अंतर्गत न्यू पिलखनी रेलवे स्टेशन से कलानौर रेलवे स्टेशन तक 18 किलोमीटर लंबे नए बिछाए गए इलेक्ट्रिक रेलवे ट्रैक का परीक्षण किया गया। इस दौरान न्यू पिलखनी स्टेशन पर मुख्य परियोजना प्रबंधक पंकज कुमार गुप्ता तथा सहायक परियोजना प्रबंधक जेपी गोयल ने नए रेलवे ट्रैक पर खड़े इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव की पूजा की तथा नारियल फोड़कर ट्रैक का उद्घाटन करते हुए लोकोमोटिव को पुष्पहार पहनाया। इसके पश्चात अधिकारी लोकोमोटिव में सवार होकर दोपहर साढ़े 12 बजे न्यू पिलखनी रेलवे स्टेशन से कलानौर रेलवे स्टेशन तक 18 किलोमीटर का परीक्षण करने के लिए निकले। अधिकारियों ने रेलवे ट्रैक के साथ-साथ ओ एच ई लाइन, सिग्नल, ट्रैक, खंभे, इलेक्ट्रिक सप्लाई आदि का भी परीक्षण किया।
इस दौरान इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव से न्यू पिलखनी रेलवे स्टेशन से कलानौर तथा वापस कलानौर स्टेशन से न्यू पिलखनी स्टेशन तक ट्रैक का ट्रायल किया। वरिष्ठ कार्यकारी परिचालन अशोक मोदगिल, कनिष्ठ परियोजना प्रबंधक यातायात उधम सिंह सोलंकी, कार्यकारी स्टेशन अधीक्षक सीताराम शंकर मुख्य रूप से मौजूद रहे। इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव को चलाने की जिम्मेदारी लोको पायलट ईश्वर सिंह ने निभाई।
बता दें कि माल ढुलाई के लिए रेलवे द्वारा कई हजार करोड़ रुपये की लागत से लुधियाना से पश्चिम बंगाल के हावड़ा स्टेशन तक विशेष मालवाहक गलियारा (डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर) का निर्माण कराया जा रहा है।