सहारनपुर। रेलवे की अति महत्वाकांक्षी परियोजना डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से महानगर की गिल कॉलोनी के लोग परेशान हो गए हैं। कॉलोनीवासियों का कहना है कि फ्रेट कॉरिडोर पर तेज गति से दौड़ने वाली मालगाड़ियों से उनके मकानों में दरारें आ गई हैं। इससे उन्हें जान-माल दोनों का खतरा पैदा हो गया है। मंगलवार को कॉलोनी के लोगों ने विरोध-प्रदर्शन कर रेलमंत्री को पत्र भेजा है।
दोपहर के समय गिल कॉलोनी के महिला-पुरुष डीएफसी कॉरिडोर के पास पहुंचे और विरोध-प्रदर्शन किया। बताया कि वह लोग यहां पर वर्ष 1960 से रह रहे हैं। जब फ्रेट कॉरिडोर बना है, तब से मालगाड़ियां काफी तेज गति से दौड़ती हैं। कंपन के कारण उनके मकानों की दीवार और छतों में दरारें आनी शुरू हो गई हैं। ट्रैक के नजदीक करीब दर्जनभर घरों में दरारें आ चुकी हैं। रात के समय मालगाड़ियों के तेज हॉर्न से न केवल नींद खराब होती है, बल्कि बुजुर्ग और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी होती है। रेलमंत्री को भेजे गए पत्र में उन्होंने मांग करते हुए कहा कि सभी मालगाड़ियों की गति ढमोला नदी से शारदा नगर के फाटक तक कम की जाए, जिससे उनके मकान सुरक्षित रह सके।
- कई घरों की छतों में भी आईं बड़ी-बड़ी दरारें
गिल कॉलोनी निवासी तरसेम सिंह, राजीव, कुलदीप, किरण शर्मा, दविंद्र कौर, गुरमीत सिंह, अंकुर शर्मा, रतन सिंह, अमरजीत सिंह ने बताया कि निरंतर कंपन होने से ऐसा लगता है कि जैसे भूकंप आ रहा हो। इसी कंपन के चलते घरों की दीवारों और छतों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। घरों में दरार आने से उन्हें हर समय अनहोनी का डर लगा रहता है। उन्होंने कहा कि उनकी मंशा ट्रैक को बंद करने की नहीं, बल्कि गति को कम कराने की है।
- मालगाड़ियों के लिए अहम है कॉरिडोर
मालगाड़ियों के अलग और निर्बाध संचालन के लिए केंद्र सरकार ने अलग लाइन बिछाने की योजना तैयार की थी। इसके बाद डीएफसी कॉरिडोर पर कार्य शुरू हुआ। ट्रैक बंगाल से लेकर पंजाब के साहनेवाल तक है। इसी तरह न्यू खुर्जा से पंजाब के न्यू साहनेवाल की दूरी करीब 401 किलोमीटर की है। ट्रैक पर सिर्फ मालगाड़ियों का ही संचालन हो रहा है।