गंगोह। गांव मानपुर स्थित गो संरक्षण केंद्र में गोवंश की बदहाली का मामला सामने आया है। गोशाला में करीब 280 गोवंश बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों और यहां कार्यरत सफाईकर्मियों ने पर्याप्त चारा, पानी और उपचार की व्यवस्था नहीं होने के आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि बीमारी और कमजोरी के चलते प्रतिदिन एक-दो गोवंश की मौत हो रही है। हालांकि, मौतों के कारण और संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
गोशाला में काम करने वाले जगपाल, सुदेश देवी, लोकेश, रणधीर, बिल्लू और सुनीता देवी ने बताया कि कई दिनों से गोशाला में हरा चारा और भूसा नहीं आया है। उनके अनुसार करीब एक दर्जन गोवंश बीमार हैं। इनमें कई इतने कमजोर हो चुके हैं कि खड़े तक नहीं हो पा रहे हैं। कुछ बीमार गोवंश के जख्मों में कीड़े तक हो गए है। इससे गोवंश के उपचार और देखभाल की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि गोशाला का संचालन एक ट्रस्ट को सौंपा गया है, लेकिन मौके पर व्यवस्थाएं संतोषजनक नहीं हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें समय से मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा है।
रक्षाबंधन के दिन भी भुगतान नहीं मिलने की बात कर्मचारियों ने कही। उनका कहना था कि जब कर्मचारियों को ही समय से भुगतान नहीं मिल रहा है तो गोवंश के लिए चारे और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को लेकर भी परेशानी होना स्वाभाविक है। ग्रामीण पिंटू ने कहा कि प्रदेश सरकार गोवंश संरक्षण को लेकर लगातार गंभीरता बरतने के निर्देश दे रही है। ऐसे में किसी गोशाला में गोवंश के भूखे या बीमार रहने की शिकायत सामने आती है तो इसकी जांच कराकर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
मानपुर गोशाला में अव्यवस्थाओं की शिकायत की जांच कराई जा रही है। जांच में यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है और कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
निधि भारद्वाज, एसडीएम नकुड़