सहारनपुर। हमारे स्कूल में बार-बार कोर्स नहीं बदला जाता है। इस बार भी आठवीं तक के विद्यार्थियों ने एक-दूसरे से संपर्क कर पुरानी किताबों का आदान-प्रदान किया है। ज्यादातर को किताबें खरीदने की जरूरत नहीं पड़ी है। यदि नई किताबें खरीदी भी जाती हैं तो वह 45 फीसदी तक छूट पर मिलती हैं। कक्षा नौ से 12 तक एनसीईआरटी की किताबें लागू हैं। विभाग के नोटिस के बाद स्कूलों ने इसी तरह के जवाब दिए हैं, जिनसे अधिकारी संतुष्ट नहीं हैं।
अभिभावकों की शिकायत पर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय द्वारा 15 अप्रैल को महानगर के 11 स्कूलों को नोटिस जारी किए गए थे। विभाग ने संबंधित स्कूलों को नोटिस जारी करते हुए किताब और स्टेशनरी की खरीद, फीस, शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन सहित कई बिंदुओं पर जानकारी देने को कहा था। इसके लिए दो दिन का समय स्कूलों को दिया गया था। अन्यथा की स्थिति में पांच लाख रुपये तक का अर्थ दंड लगाने की चेतावनी दी गई थी। नोटिस जारी हुए करीब एक सप्ताह बीत चुका है, लेकिन अभी तक भी कई स्कूलों ने जवाब नहीं भेजा है। कई स्कूलों के जवाब आए हैं, जो संतोषजनक नहीं हैं। ऐसे में विभाग ने स्कूलों को सुबूत देने को कहा है। अन्यथा की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
स्कूलों द्वारा अभिभावकों के आर्थिक और मानसिक उत्पीड़न की शिकायतें मिलती रही हैं। अनेक स्कूलों को नोटिस जारी किए गए थे, जिनमें से कई का जवाब भी आया है, लेकिन जवाब संतोषजनक नहीं है। इसलिए सुबूत देने को कहा गया है।
- डॉ. अरविंद कुमार पाठक, जिला विद्यालय निरीक्षक