सहारनपुर। जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के 31 शिक्षक शिक्षिकाओं की मौत हो चुकी है। शिक्षक संगठनों का दावा है कि इनकी मौत कोरोना संक्रमण की वजह हुई है, लेकिन विभाग के पास इसका डाटा नहीं है। विभाग मान रहा है कि इनमें से 18 शिक्षक शिक्षिकाओं की मौत कोरोना से हुई है।
दरअसल, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश ने शासन स्तर पर प्रदेश भर में कोरोना संक्रमण से मरने वाले शिक्षक शिक्षिकाओं की सूची सौंपी है। उसमें सहारनपुर जिले के 28 लोगों के नाम शामिल हैं। सूची में शामिल लोगों के बारे में पड़ताल की गई तो ज्यादातर की मौत कोरोना संक्रमण से होने की पुष्टि हुई। कुछ शिक्षकों की मौत अन्य बीमारियों से भी हुई तो कुछ ऐसे हैं जिन्होंने कोरोना की जांच नहीं कराई थी। वहीं, विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राजकुमार चौधरी का दावा है कि जिले में 31 शिक्षक शिक्षिकाओं की मौत कोरोना से हुई है। उधर, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रमेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि 18 शिक्षकों की मौत कोरोना संक्रमण से हुई है, अन्य लोगों की मौत कैसे हुई, इसकी जानकारी नहीं है।
पड़ताल में यह स्थिति सामने आई
गांव बडूली निवासी नाथीराम (60 वर्षीय) प्राथमिक विद्यालय बडूली में प्रधान अध्यापक थे। उनकी मृत्यु 26 अप्रैल को हुई। वह मार्च 2022 में सेवानिवृत्त होने वाले थे। उनकी बेटी रेखा बताती हैं कि उनके पिता नाथीराम की नकुड़ ब्लाक में चुनाव ड्यूटी लगी थी। चुनाव ड्यूटी से घर लौटने के दो दिन बाद ही तबीयत खराब हो गई थी, जिसके बाद उपचार भी कराया। कोरोना के लक्षण थे, लेकिन जांच नहीं कराई थी। इसके बाद 26 अप्रैल को उनका निधन हो गया।
- हकीकतनगर निवासी रजनीश सैनी (52 वर्षीय) प्राथमिक विद्यालय कुटबा माजरा में सहायक अध्यापक थे। हिमांशु सैनी ने बताया कि उनके पिता रजनीश की चुनाव ड्यूटी देवबंद ब्लाक क्षेत्र में लगी थी। चुनाव ड्यूटी से लौटने पर उनकी तबीयत खराब हुई और सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। 24 अप्रैल को जिला अस्पताल ले जाकर कोविड जांच कराई और एक्सरे भी कराया था। 30 अप्रैल को उनके पिता का निधन हो गया, लेकिन कोविड की जांच रिपोर्ट उसके दो दिन बाद आई, जिसमें सैंपल रिपीट लिखा गया था।
- मोहल्ला नवीननगर निवासी मुकेश शर्मा (53) सलेमपुर भूकडी गांव स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में प्रधान अध्यापक थे। बेटी साक्षी ने बताया कि उनके पिता की चुनाव में ड्यूटी लगी थी, जिसके बाद घर आने के दो दिन बाद उनकी तबीयत खराब रहने लगी। कोविड जांच रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी। हालत बिगड़ने पर दो मई को उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां 12 मई को उनका निधन हो गया।