मौलाना महमूद ने कहा कि देश की आजादी के समय इसके निर्माताओं, संस्थापकों और विचारकों ने हमें आश्वासन दिया था कि मुस्लिम पर्सनल लॉ जो किसी प्रथा एवं परंपरा पर नहीं बल्कि पवित्र कुरान और प्रामाणिक हदीसों के आधार पर है, इसका सांवैधानिक संरक्षण किया जाएगा। लेकिन आज हम जिस स्थिति का सामना कर रहे हैं, वह बहुत निराशाजनक है।
यूसीसी: 14 जुलाई यौम-ए-दुआ के रुप में मनाया जाएगा: फारुकी
जमीयत उलमा-ए-हिंद के सचिव मौलाना नियाज अहमद फारुकी ने बताया कि वर्किंग कमेटी ने फैसला लिया है कि यूसीसी के संदर्भ में आगामी 14 जुलाई यानि शुक्रवार को यौम-ए-दुआ (प्रार्थना दिवस) के रुप में मनाया जाएगा। उन्होंने मुस्लिम समाज से यूसीसी को लेकर सार्वजनिक रुप से किसी भी प्रकार का विरोध प्रदर्शन न करने का आह्वान किया है।