-नई पेंशन योजना और बायोमेट्रिक से उपस्थिति की अनिवार्यता का कर रहे हैं विरोध
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। नई पेंशन योजना और बायोमेट्रिक से उपस्थिति की अनिवार्यता के विरोध में मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (एमसूटा) से जुड़े शिक्षकों ने मंगलवार को विश्वविद्यालय में धरना और प्रदर्शन किया। कुलपति को राज्यपाल के नाम का 22 सूत्रीय ज्ञापन सौंपते हुए मांगें मनवाने का अनुरोध किया।
धरने को संबोधित करते हुए अध्यक्ष डॉ. वाईके शर्मा और महामंत्री डॉ. अमित मलिक ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद जीवन यापन के लिए पेंशन एक सुदृढ़ आधार है। इसलिए देश के अन्य प्रदेशों की तरह पुरानी पेंशन को बहाल किया जाए। वर्ष 2015 में 1225 पद नवसृजित किए गए थे। उनको स्थायी किया जाए। अनुदानित महाविद्यालयों में शिक्षकों एवं छात्र -छात्राओं की बायोमेट्रिक उपस्थिति की अनिवार्यता को समाप्त किया जाए। उन्होंने कहा कि आदेश निजीकरण को बढ़ावा देने वाला व समान शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने की संवैधानिक भावना का उल्लंघन है। इसे आर्थिक रूप से कमजोर छात्र- छात्राएं उच्च शिक्षा से वंचित हो जाएंगे। यह उच्च शिक्षा के नवाचार, शोध एवं नई शिक्षा नीति के उन्नयन में बाधक है। स्थानांतरण की प्रक्रिया को सरल करते हुए समय सीमा एक वर्ष करने तथा एनओसी की बाध्यता को समाप्त किया जाने सहित 22 मांगें रखी गई। धरने पर पहुंचे कुलपति प्रो. एचएस सिंह और कुलसचिव विरेंद्र कुमार मौर्य को शिक्षकों ने राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन सौंपा।
धरने में डाॅ. विश्वंभर पांडेय, निर्दोष मित्तल, डाॅ. संजय गुप्ता, संदीप गुप्ता, अशोक शर्मा, मनु गुप्ता, डॉ. मनीष सैनी, परविंदर मलिक,. नीता कौशिक, डॉ. नेहा, महेश कुमार, प्रो. ब्रह्मपाल, डाॅ. हरवीर सिंह चौधरी, डॉ. खालिद अनवर, आफताब खान, प्रो. प्रवीण कादियान, रीता बोरा, . सीमा, गुंजन आदि उपस्थित रहे।