28 गांवों से होकर गुजरेगा दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर
सहारनपुर। दिल्ली से देहरादून के बीच बनने वाले इकनॉमिक कॉरिडोर को लेकर कवायद तेज हो गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इसके लिए अधिगृहीत की जाने वाली भूमि की अधिसूचना जारी कर दी है। सहारनपुर जिले में 28 गांवों की 207.8280 हेक्टेयर जमीन ली जानी है।
भारतमाला परियोजना के तहत दिल्ली से देहरादून तक इकनॉमिक कॉरिडोर बनना है। इसके बनने से अक्षरधाम से सीधे देहरादून की दूरी सिर्फ ढाई घंटे में तय होगी। यह हाईवे सहारनपुर जिले के रामपुर मनिहारान, बड़गांव और नागल क्षेत्र से होकर निकलेगा। जिले में अंबेहटामोहन, जड़ौदापांडा, हसनपुर लौटनी, मौरा, तिलफरा ऐनाबाद, बड़ूली नयागांव, खुदाबक्सपुर, बड़गांव, दल्हेड़ी, चंदपुर मजबता, मियानगी, कुतबा माजरा, मिर्जापुर, अंबेहटाचांद- भगवानपुर, हलगोवा, बेलड़ा जुनारदार, सढौली हरिया, नसरतपुर, सकतपुर, ताशीपुर, रसूलपुर खेड़ी, नैनसोब, कुतुबपुर, जैनपुर, सरगथल आदि गांवों के रकबे में आने वाली जमीन ली जानी है।
स्थानीय लोगों को मिलेगा लाभ
भारतीय किसान संगठन के जिलाध्यक्ष अजब सिंह, भाजपा के बड़गांव मंडल अध्यक्ष अनिरुद्ध त्यागी, उपाध्यक्ष रिषीपाल राणा, एडवोकेट ज्ञानसिंह राणा आदि का कहना है कि हाईवे निर्माण के बाद ग्रामीणों को जहां कच्ची सड़कों और दूर दराज के रास्तों से निजात मिलेगी। वहीं इस हाईवे के बनने के बाद जमीन के रेट में भी बढ़ोतरी होगी।
एलिवेटेड हाईवे भी इसी परियोजना का हिस्सा
इकनॉमिक कॉरिडोर के तहत ही सहारनपुर जिले में गणेशपुर से मोहंड तक और उससे आगे उत्तराखंड की सीमा को मिलाकर करीब 18 किलोमीटर में एलिवेटेड हाईवे का निर्माण होना है। उसमें उत्तर प्रदेश का करीब 47.7054 हेक्टेयर और उत्तराखंड का 9.6224 हेक्टेयर वन क्षेत्र शामिल है। इस हाईवे के बनने पर दिल्ली से देहरादून तक करीब 180 किलोमीटर का सफर रह जाएगा। वहीं सहारनपुर से देहरादून का सफर महज 45 मिनट में पूरा हो सकेगा।