सरसावा (सहारनपुर)। यमुना नदी के किनारे संभावित बाढ़ क्षेत्रों के निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी तथा एसडीएम को अनेक खामियां मिली। अधिकारियों ने संबंधित कर्मियों को चेतावनी देते हुए तत्काल प्रभाव से खामियों को दूर करने के निर्देश दिए।
बृहस्पतिवार को अपर जिलाधिकारी प्रशासन डॉ. अर्चना द्विवेदी तथा एसडीएम सदर किंशुक श्रीवास्तव ने सरसावा तथा चिलकाना क्षेत्र के सोंधेबांस में संभावित बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में बनाई गई बाढ़ नियंत्रण चौकियों तथा आश्रय स्थलों का निरीक्षण किया। दोनों महिला अधिकारी यमुना के तटवर्ती गांव शाहजहांपुर पहुंची जहां उन्होंने किसान मजदूर इंटर कॉलेज में बाढ़ काल के दौरान बनाए जाने वाले आश्रय स्थल का निरीक्षण करते हुए छोटा बताया तथा व्यवस्थाओं को बनाने के लिए अधिक कमरों का उपयोग करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने क्षेत्रीय लेखपाल चैन सिंह, अंकुर चौधरी से बाढ़ चौकी पर की गई व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी भी ली। लेखपालों ने बताया कि बाढ़ चौकी पर बिजली पानी एवं बाढ़ के दौरान रुकने एवं रेस्क्यू किए जाने वाले लोगों के लिए सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गई है। इस मौके पर आस-पास के गांवों झरौली, शाहजहांपुर, जलालपुर, भिक्कनपुर के सुरेश पाल, कुलदीप चौधरी, मदन, देवी सिंह, सुरेश, मुकेश, श्याम सिंह, मा महावीर सिंह आदि रहे। एसडीएम सदर किंशुक श्रीवास्तव ने बताया कि निरीक्षण के दौरान सोंधेबांस बाढ़ नियंत्रण चौकी पर कर्मी अनुपस्थित मिले। जिन्हें भविष्य में उपस्थित रहने के लिए चेतावनी दी गई। इसके अलावा अन्य बाढ़ नियंत्रण चौकियों पर तैनात किए गए कर्मियों को भी उपस्थिति सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए।