सहारनपुर के लखनौती बिजलीघर से ट्रांसफार्मर उठाने का प्रकरण तूल पकड़ गया है। विद्युत निगम द्वारा सिकंदरपुर बिजलीघर की सप्लाई काटने से क्षुब्ध भाकियू नेताओं ने प्रशासन से आरपार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।
समस्या के समाधान के लिए किसानों के बीच पहुंचे उच्चाधिकारियों से वार्ता विफल होने के बाद भाकियू ने पंचायत को महापंचायत में तब्दील करने की घोषणा की। पिछले 24 घंटों से सिकंदरपुर बिजलीघर से जुडे़ एक दर्जन गांवों की विद्युत सप्लाई ठप है।
बता दें कि ओवरलोड की समस्या से निजात पाने को सिकंदरपुर बिजलीघर से पोषित गांवों के सैकड़ों किसान और भाकियू नेता शनिवार को लखनौती बिजलीघर से पांच एमवीए का ट्रांसफार्मर उठाकर सिकंदरपुर बिजलीघर ले गए थे।
इस दौरान सड़क पर जाम भी लगाया था। इसके बाद विद्युत निगम के अधिकारियों ने सिकंदरपुर बिजलीघर की आपूर्ति कटवा दी। इससे नाराज भाकियू नेताओं ने सिकंदरपुर बिजलीघर की बराबर में रविवार को विद्युत निगम के खिलाफ पंचायत का आयोजन किया।
दोपहर बाद एक्सईएन सचिन कुमार, जेई मीनू कुमार, सीओ योगेंद्रपाल सिंह, कोतवाली प्रभारी पवन कुमार शर्मा पुलिस फोर्स के साथ किसानों के बीच पहुंचे और समस्या के समाधान के लिए 20 ग्रामीणों की कमेटी गठित कर बातचीत शुरू कर दी।
इस दौरान किसानों ने ट्रांसफार्मर की सुरक्षा में लगे एसआई को निलंबित करने, किसानों के सिकंदरपुर बिजलीघर की कटी लाइन को जुड़वाने समेत कई मांगें रखी।
वार्ता में अधिकारियों ने सिकंदरपुर बिजलीघर की कटी सप्लाई को चालू करने की मांग मानी। बाकी मांगों पर अधिकारियों ने आश्वासन दिया तो किसान संतुष्ट नहीं हुए।
इससे नाराज किसानों ने प्रशासन से आरपार की लड़ाई और पंचायत को महापंचायत में बदलने की घोषणा कर दी। इसके बाद किसान वहीं धरने पर बैठ गए जो खबर लिखे जाने तक जारी था।
पूर्व विधायक महीपाल सिंह माजरा, संजय कम्हेड़ा, नक्षत्रपाल सिंह, अरविंद चौधरी, देशपाल सिंह, डॉ ओमपाल सिंह, ब्रह्मपाल सिंह रामपाल विकल आदि ने संबोधित किया। संचालन विक्रम सिंह और अध्यक्षता इंद्र सिंह ने की। अरविंद कुमार, देवेंद्र, मोहन शर्मा, राजीव, करनैल, ब्रजपाल, जसवंत, केहर सिंह, रूपेंद्र, संनवर आदि रहे।