नानौता। नगर के मुख्य बाजार स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर में जैन समाज के दशलक्षण पर्व का पांचवां दिन उत्तम शौच के रूप में मनाया गया। इस दौरान कोरोना महामारी के चलते सोशल डिस्टेंसिंग सहित तमाम नियम को भी ध्यान रखा गया।
बृहस्पतिवार को दशलक्षण पर्व के पांचवें दिन धर्म प्रेमी द्वारा मंदिर में उत्तम शौच धर्म की पूजा की गई। जैन समाज के अध्यक्ष विशाल चंद जैन ने बताया कि आत्मा का स्वरूप ही शौच धर्म है, इसलिए महामुनि इसी पे ध्यान करते हैं। शौच का अर्थ है पवित्रता अनादिकाल से यह आत्मा लोभ रूपी मल से मलिन हो रही की है, इसे पवित्र करना एवं करने का भाव आना ही शौच धर्म है। सभी प्रकार के लोभ का अत्यंत अभाव हो जाना ही शौच धर्म है। जैन मंदिर में पूजा अर्चना में जलाभिषेक करने वालों में आशीष जैन, मनोज जैन बरतन वाले, मनोज जैन सर्राफ, जिनेंद्र जैन, पंकज जैन, रितु जैन, ख्याति जैन, स्नेह जैन, निशी जैन, प्रमोद जैन, हिमांशु जैन, जिनेंद्र जैन आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे।