इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम में वाई-फाई सेवा को लेकर टकराव शुरू हो गया है। इस सेवा को लेकर दो गुट हो गए हैं। एक गुट समर्थन कर रहा है, तो दूसरा गुट विरोध पर उतर आया है।
हालांकि सेवा की शुरूआत अभी हो नहीं सकी है, लेकिन इसके विरोध में उतरे छात्रों ने सोमवार को संस्था के शिक्षा विभाग में तालाबंदी करते हुए एक स्थान पर आग लगा दी। संस्था इस मामले की जांच करा रही है। विरोध कर रहे गुट का कहना है कि इससे छात्रों पर गलत असर पड़ेगा।
दारुल उलूम में वाई-फाई सेवा शुरू करने की प्रबंधतंत्र से मंजूरी मिलने के बाद रिलायंस कंपनी से करार हुआ और कंपनी के कर्मचारियों ने संस्था के भीतर लाइन बिछाने का काम भी पूरा कर लिया है, लेकिन सेवा को लेकर दारुल उलूम के भीतर दो गुट बन गए।
एक गुट इसका समर्थन कर रहा है तो दूसरे गुट ने पुरजोर तरीके से इसकी मुखालफत शुरू कर दी है। सोमवार को वाई-फाई सेवा के विरोध में विरोधी गुट के कुछ छात्रों ने संस्था के शिक्षा विभाग में तालाबंदी कर दी और कुछ पर्चे भी वहां फेंके।
इतना ही नहीं छात्रों ने संस्था के भीतर ही एक स्थान पर आग लगा दी। विरोधी गुट का मानना है कि वाई-फाई सेवा आरंभ होने से छात्रों पर इसका गलत असर पड़ेगा, लेकिन दूसरे पक्ष की दलील है कि यह सेवा केवल विभागों से संबंधित कर्मचारियों को ही उपलब्ध कराई जाएगी और इससे छात्रों को कोई लाभ नहीं मिलेगा।
जिस समय यह विरोध हो रहा था, उस दौरान संस्था की सुप्रीम पावर मजलिस-ए-शूरा की बैठक चल रही थी। जिससे यह प्रकरण शूरा तक भी पहुंच गया। सूत्र बताते हैं कि छात्रों द्वारा फेंके गए पर्चे शूरा सदस्यों के समक्ष पेश किए गए। जिनमें संस्था के ही एक ओहदेदार को हटाए जाने की मांग की गई है।
जानकारी मिली है कि शूरा सदस्यों ने तुरंत एक्शन लेते हुए शरारती छात्रों की जांच कराई। जिसमें तीन छात्रों के नाम अभी तक उजागर हुए हैं। अमूमन दो चरणों में समाप्त होने वाली शूरा की बैठक इसी प्रकरण के चलते चार चरणों तक भी चलती रही, जबकि इस मामले में संस्था का कोई भी जिम्मेदार कुछ कहने को तैयार नहीं है।