देवबंद (सहारनपुर)। वरिष्ठ लेखक शाहिद जुबैरी की पुस्तक बातें मुलाकातें का रविवार को उलमा के हाथों विमोचन हुआ। वक्ताओं ने पुस्तक को नई नस्लों के लिए शानदार पैगाम बताया। साथ ही कहा कि दारुल उलूम और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी इल्म की रोशनी फैला रहे हैं।
रविवार को ईदगाह रोड स्थित महमूद हाल में हुए कार्यक्रम में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के मास कॉम विभाग के प्रोफेसर शाफी किदवाई व उर्दू एकेडमी के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर राहत अबरार ने संयुक्त रूप से कहा कि दिवंगत मौलाना कासिम नानौतवी ने देवबंद और सर सैय्यद ने अलीगढ़ में आजादी से पहले तालीम का एक पौधा लगाया था, जो आज वृक्ष बनकर पूरी दुनिया में इल्म की रोशनी फैला रहे हैं।
उन्होंने कहा कि शाहिद जुबैरी की पुस्तक बातें मुलाकातें आज की युवा पीढ़ी के लिए शानदार पैगाम है। कार्यक्रम में लंदन से आए डॉ. गजाली खान, दारुल उलूम के तंजीम-ओ-तरक्की विभाग के उपप्रभारी अशरफ उस्मानी, अरबी के प्रसिद्ध विद्वान मौलाना नदीमुलवाजदी, डॉ. उबैद इकबाल आसिम और डॉ. फसीह सिद्दीकी ने पुस्तक का विमोचन किया। अध्यक्षता मौलाना नदीमुलवाजदी व संचालन सैयद वजाहत शाह ने किया।
इसमें मुस्लिम फंड ट्रस्ट के मैनेजर सुहैल सिद्दीकी, पूर्व पालिकाध्यक्ष इनाम कुरैशी, नजर फाउंडेशन के अध्यक्ष नजम उस्मानी, अरशद सिद्दीकी, समीर चौधरी, सलीम कुरैशी, आरिफ उस्मानी, मास्टर मुमताज अहमद. मो. समीर आदि मौजूद रहे।