-शहर के वीआईपी क्षेत्र से लेकर बाजारों में बिजली की लाइनें बनीं खतरा
-आंधी-बारिश में अक्सर तार टूटकर गिरने से होते हैं हादसे
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। महानगर के मुख्य मार्गाें और काॅलोनियों में लटक रहीं बिजली की जर्जर लाइनें खतरा बनी हुई हैं। वीआईपी क्षेत्र हो या भीड़भाड़ वाली जगह या फिर पूरे दिन व्यस्त रहने वाले बाजार और मुख्य मार्ग। सभी जगह बिजली की लाइनें खतरा बनकर झूल रही हैं। बारिश के दिनों में खतरा और बढ़ जाता है। जिसमें जर्जर तार टूटते हैं और सड़कें गीली होने से करंट फैलने का खतरा रहेगा।
महानगर में स्मार्ट सिटी के तहत बिजली लाइनों को भूमिगत किया जा रहा है। जीपीओ रोड की बिजली लाइनें भूमिगत हो चुकी है, जबकि घंटाघर से कचहरी पुल तक लाइनों को भूमिगत करने का काम चल रहा है। लेकिन, महानगर में जेवी जैन डिग्री कॉलेज, दिल्ली रोड, बाजोरिया रोड आदि मुख्य मार्गों पर जर्जर और लटकते तारों को नहीं बदला जा रहा है।
ओजपुरा में सोफिया इंग्लिश मीडियम स्कूल के पास बिजली का खंभा कई सालों से झुका हुआ है। इसी तरह आईटीसी रोड पर तार झूल रहे हैं। आलम यह है कि यहां पर बिजली का खंभा घर की छत को छू रहा है। दिल्ली रोड स्थित सब्जी मंडी में तार लटके हुए है। कई बार सब्जी व्यापारी तारों को बदलवाने की मांग भी कर चुके हैं।
नवीन नगर, चंद्र नगर, ओजपुरा, गलीरा रोड, वेद विहार, नवादा रोड, रूप विहार, खाताखेड़ी के अलावा शहीद गंज, नेहरू मार्केट, रायवाला बाजार में तारों की हालत बेहद खराब है। कॉलोनियों में बिजली के लटकते और जर्जर तार नहीं बदले गए। अब जल्द ही मानसून दस्तक देगा। ऐसे में बारिश से खतरा और अधिक बढ़ेगा।जर्जर तारों में बारिश का पानी जाने से तार गर्म होकर टूटने की घटनाएं ज्यादा होती हैं।
ये बरते सावधानी
-बारिश के दौरान या बाद में बिजली की लाइन के नीचे न रुकें।
-ट्रांसफार्मर के आसपास जलभराव हो तो दूर से निकलें।
-तार टूटने पर सबसे पहले सबस्टेशन को फोन कर आपूर्ति बंद कराएं।
जर्जर तारों से कोई हादसा न हो, इसको लेकर विद्युत निगम गंभीर है। महानगर में जर्जर तारों को बदलने का काम चल रहा है। साथ ही जहां पर तार लटके हुए मिलते हैं तो उन्हें ठीक कराया जाता है।
अमित कुमार श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता, विद्युत निगम