सहारनपुर। भोलेनाथ के भक्त अब डाक कांवड़ लेकर लौटने लगे हैं। सहारनपुर के रास्ते अब तक जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साढ़े तीन लाख कांवड़िये जल लेकर लौट चुके हैं। हर तरफ हर-हर महादेव, बोल बम, बम-बम, जय शंकर की गूंज सुनाई दे रही है।
बुधवार की रात और बृहस्पतिवार के दिन भर कांवड़िये तेजी से शिवालयों की बढ़ते हुए नजर आए। डाक कांवड़िये रंग-बिरंगी पोशाक में जल लेकर लौट रहे हैं और सीटी बजाते हुए रास्ता खाली कराते हुए हाथ में गंगाजल लेकर दौड़ रहे हैं। इनमें 20 फीट ऊंची श्री महाकाल की कांवड़ आकर्षण का केंद्र रही। इसके अलावा शिव परिवार, मंदिर वाली और तिरंगा कांवड़ की संख्या ज्यादा है।
कांवड़ मार्ग देहरादून और अंबाला रोड पर लगे कांवड़ सेवा शिविरों में बड़ी संख्या में कांवड़ियों के अलावा शहरवासियों की भीड़ रात को देखने को मिल रही है। कांवड़ सेवा शिविरों के आयोजकों ने कलाकार भी बुला रखे हैं, जो श्री राधा-कृष्ण, शिव-पार्वती सहित अनेक देवी-देवताओं की झांकियां प्रस्तुत कर रहे हैं और भजनों पर नृत्य कर सबका मन मोह रहे हैं। कांवड़ मार्ग रात में पूरी तरह जगमगा रहा है। हर तरफ भगवान शंकर के जयकारों की गूंज है। वहीं, पुलिस-प्रशासन का अनुमान है कि अब तक साढ़े तीन लाख कांवड़िये हरिद्वार से सहारनपुर के रास्ते गंगाजल लेकर लौट चुके हैं।
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मुस्लिम समाज ने की कांवड़ियाें की सेवा
मुस्लिम समाज के लोग भी कांवड़ियों की सेवा कर सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश कर रहे हैं। अरबी मदरसे के निकट सैनी पंचायती मंदिर पर पार्षद प्रतिनिधि सईद अंसारी के साथ मुस्लिम समाज के लोगों ने कांवड़ियों को पानी की बोतलें वितरित कीं।
कांवड़ियों में उत्साह, भजनों पर झूमे
कांवड़ियों में भारी उत्साह है। कांवड़ सेवा शिविरों में लगे डीजे पर शिवभक्त भजनों पर झूम रहे हैं। इसके अलावा कांवड़ लेकर लौट रहे शिवभक्त नाचते गाते हुए चल रहे हैं।