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Saharanpur News: साइबर ठगों का वार, अलग-अलग मामलों में 25.97 लाख की ठगी

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- महिला के खाते से ठगों ने आठ दिन तक खाते से निकाले 6.64 लाख रुपये
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- कारोबारी से 17.75 लाख, कर्मचारी से पता अपडेट के बहाने ठगे 1.58 लाख
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। साइबर ठगों ने तीन अलग-अलग मामलों में कारोबारी और महिला समेत तीन लोगों से 25.97 लाख रुपये साइबर ठगी की है। एक मामले में तो साइबर ठग आठ दिन लगातार बैंक खाते से रुपये निकालते रहे। इन मामलों में साइबर क्राइम और थाना जनकपुरी पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
केस 1:
बड़गांव क्षेत्र के गांव सिसौनी निवासी रीना ने साइबर क्राइम थाने में तहरीर देकर बताया कि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शिमलाना शाखा में बैंक खाता है। साइबर ठग ने 27 जुलाई से तीन अगस्त के बीच लगातार ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर 6.64 लाख रुपये निकाल लिए। 27 जुलाई को सबसे पहले 98,512 रुपये और 28 जुलाई को 99,500 रुपये खाते से निकाले गए। इसके बाद 29 जुलाई से दो अगस्त तक कई किस्तों में खाते से कटती रही। तीन अगस्त को भी तीन बार में 4,999, 2,399 और एक हजार रुपये निकाले गए। पीड़िता का कहना है कि किसी व्यक्ति को कोई भुगतान नहीं किया और न ही किसी को बैंक संबंधी जानकारी साझा की। इसके बावजूद खाते से पूरी रकम निकाल ली।
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केस 2 :
कोतवाली सदर बाजार क्षेत्र में सियाराम विहार निवासी महेंद्र नाथ शुक्ला से 17.75 लाख रुपये की साइबर ठगी हुई है। ठगों ने फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर खुद को किसी अन्य व्यक्ति के रूप में प्रस्तुत किया। विश्वास में लेने के लिए जाली इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज और फर्जी रिकॉर्ड भी दिखाए गए। झांसे में आकर पीड़ित ने विभिन्न माध्यमों से 17.75 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। पीड़ित का कहना है कि ठगों ने सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी कर कमाई हड़प ली।

केस 3 :
उत्तराखंड में अल्मोड़ा जिले के गांव अजोली तनली निवासी हीरा सिंह ने थाना जनकपुरी में तहरीर देकर बताया कि भारत मेंटल इंडस्ट्रीज में कार्यरत हैं। पार्सल दिल्ली से ट्रैकऑन कोरियर से आना था। पार्सल के लिए इंटरनेट पर मिले हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क किया। फोन रिसीव करने वाले व्यक्ति ने बताया कि पार्सल में कंपनी का पता अपडेट नहीं है। बिना पता अपडेट किए पार्सल की डिलीवरी नहीं होगी। इसके बाद आरोपी ने व्हाट्सएप कॉल कर मोबाइल में कुछ सेटिंग कराने के लिए कहा। इसके साथ ही एक मोबाइल नंबर पर फोन-पे के जरिये दो रुपये भेजने को कहा। अगले दिन अपना खाता देखा तो गूगल-पे खाते से 1.57 रुपये निकल चुके थे।
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वर्जन
साइबर ठगी से बचने का सबसे बड़ा हथियार जागरूकता है। साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं। इन तीनों मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
- व्योम बिंदल, एसपी सिटी
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