सहारनपुर। सूबे के वंचित मंडलों में साइबर थाने की तैयारी से यहां भी ऐसे अपराधों पर काफी हद तक अंकुश लग सकेगा। पिछले पांच साल में साइबर क्राइम तेजी से बढ़े हैं। मौजूदा समय में ही हर माह 10 से 15 मामले साइबर क्राइम से जुड़े होते हैं। इसके अलावा बड़ी आपराधिक घटनाओं के खुलासे के लिए भी साइबर सेल को खासी मशक्कत करनी पड़ती है।
बता दें कि आनलाइन आर्डर, आनलाइन बुकिंग, आनलाइन पेमेंट, एकाउंट आईडी हैक, सोशल मीडिया पर फर्जी एकाउंट बनाने, वीडियो और फोटो एडिट कर युवतियों और महिलाओं को ब्लैकमेल करने सहित अन्य कई रूपों में साइबर क्राइम से जुड़ी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसके अलावा एटीएम से ठगी के मामले में लगातार आते रहे हैं। पिछले दो माह में ही ओएलएक्स पर खरीद, पेटीएम से पेमेंट, आरटीजीएस, आनलाइन जीएसटी इनवाइस, फेसबुक एकाउंट हैक करने, आनलाइन एजेंसी से लेकर अन्य कई माध्यमों से आम लोगों से लेकर व्यापारियों तक से लाखों रुपये की ठगी की गई है। व्यापारियों में सबसे अधिक ठगी का शिकार होने वालों में सराफा, कपड़ा और बर्तन कारोबारी रहे हैं।
ब्लैकमेलिंग से लाखों की ठगी तक पहुंचे मामले
- इंटरनेट पर पहले जहां सोशल मीडिया के एकाउंट में फर्जीवाड़ा कर वीडियो और फोटो एडिट कर ब्लैकमेलिंग के मामले ज्यादा आते थे, वहीं नोटबंदी के बाद जब से सरकार ने डिजिटल और आनलाइन पेमेंट को बढ़ावा दिया है तब से आनलाइन ठगी कर लाखों रुपये ठगने वाले अपराध बढ़ रहे हैं।
साइबर विशेषज्ञ बढ़ेंगे तो मिलेगी ज्यादा मदद
- इस मामले में एसएसपी दिनेश कुमार कहते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में साइबर केस बढ़े हैं। ऐसे में साइबर एक्सपर्ट्स की मांग बढ़ी है। साइबर थाना बनने के साथ साइबर विशेषज्ञ बढ़ें तो जरूर ऐसे अपराधों के नियंत्रण में मदद मिलेगी।