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बाधाएं पार कर भाई के दर पहुंची बहनें

Wed, 02 Nov 2016 12:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
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भैया दूज पर भाई को तिलक कर दीर्घायु की कामना करती बहन। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बहन और भाई के पवित्र रिश्ते का पर्व भैयादूज हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। त्यौहार के चलते ट्रेनों और बसों में भारी भीड़ रही। ऐसे में अनेक भाइयों को तिलक कराने के लिए बहनों के पास तक पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। 
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परंपरा के अनुसार बहनों ने भाइयों को तिलक किया। साथ ही भाइयों को नारियल भेंट किया और उनकी लंबी आयु की कामना की। भाइयों ने भी बहनों को शगुन के तौर पर कपड़े, आभूषण, रुपये और अन्य उपहार दिए। इतना ही नहीं भाइयों ने हर परिस्थिति में बहन का साथ निभाने का वादा भी बहनों से किया। भाईदूज पर्व के चलते ट्रेनों और बसों में सुबह से ही भारी भीड़ रही।

दिल्ली की ओर जाने वाली ट्रेनों और बसों में यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिली। ऐसे में यात्रियों को घंटों तक बसों और ट्रेनों का इंतजार करना पड़ा। उधर, पर्व के चलते शहर में भी जगह-जगह जाम की स्थिति बनी रही। शहर के नेहरू मार्केट, घंटाघर, शहीद गंज, चौक फव्वारा, कक्कड़ गंज, नया बाजार, कोर्ट रोड, हकीकत नगर, नुमाइश कैंप, रायवाला में जाम के चलते परेशानी का सामना करना पड़ा। 
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भैया दूज पर दिखा सांप्रदायिक सौहार्द ः गंगोह। नगर व क्षेत्र में बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक कर उनके दीर्घायु, खुशहाल होने और यशस्वी जीवन की कामना की। बहनों ने भाइयों को गोला व उपहार प्रदान कर उनका सम्मान किया। इस मौके पर भाइयों ने भी बहनों के सदा सुखी रहने और खुशहाल जीवन की प्रार्थना करते हुए उपहार व नगद राशि दी।

उधर, नगरपालिका चेयरमैन नोमान मसूद के सुपुत्र हमजा मसूद उर्फ टीपू ने भी परंपरागत रूप से दादा से जुडे़ दर्शनलाल पटवे के सुपुत्रों छोटे बड़े पटवा के नाम से मशहूर किशोर पटवे के परिवार में जाकर उनकी बेटियों नंदनी और तनिषा बहन से तिलक करवाया और नगद राशि व उपहार भेंट किया। बहनों नंदनी और तनिषा ने भी शुभ प्रतीक गोला व उपहार भेंट किए।

जेल में बंद भाइयों को टीका करने जेल पहुंची बहनें       
सहारनपुर। भैया दूज पर जिनके भाई आपराधिक मामलों में जेल में बंद हैं। ऐसी बहनें अपने भाइयों को टीका करने जेल ही पहुंची। जिला जेल में सुबह से ही बहनों की कतार लगी रही। पुलिस ने भी भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त चौकसी बरती।

जेलर रविकांत के निर्देश पर पहली शिफ्ट में उन बहनों को अंदर भेजा गया, जिनके भाई अंदर बंद हैं और दूसरी शिफ्ट में उन भाइयों को अंदर भेजा, जिनकी बहनें बंद हैं। जेलर ने बताया कि महिलाओं और पुरुषों को अलग-अलग भेजने का मकसद व्यवस्था बनाना था। जेल के भीतर बहनों ने भाइयों को तिलक करते हुए उनकी लंबी आयु के लिए प्रार्थना की। इस दौरान जेल प्रशासन ने कड़ी चौकसी रखी।
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