सहारनपुर के हिमांशु हत्याकांड का मुख्य दोषी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। व्यापारी वर्ग में पुलिस के प्रति रोष है। इतना ही नहीं, शहर भर में व्यापारियों ने अपनी दुकानों के बाहर बैनर लगाए हुए हैं, जिनपर हिमांशु की फोटो के साथ उसके हत्यारों को गिरफ्तार करने की मांग पुलिस से की गई है।
मोबाइल कारोबारी हिमांशु अरोड़ा की बाइक सवार चार बदमाशों ने उस समय हत्या कर दी गई थी, जब वह 12 मई की रात करीब 11 बजे अपने पिता के साथ दुकान बंद कर प्रद्युमन नगर स्थित अपने घर लौट रहा था।
बदमाश हिमांशु से लाखों रुपये से भरा बैग भी छीनकर भागे थे। घटना के चार दिन बाद ही पुलिस ने आकाश त्यागी और भीमा शर्मा को गिरफ्तार करते हुए घटना का खुलासा कर दिया था।
साथ ही फरार चल रहे अमजद और उसके अज्ञात साथी को शीघ्र गिरफ्तार करने की बात कही थी। पुलिस पूछताछ में आकाश और भीमा ने अमजद द्वारा ही हिमांशु को गोली मारने की बात कही गई थी।
पुलिस अभी तक अमजद को गिरफ्तार नहीं कर सकी है, जिससे पुलिस की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं। चर्चा है कि अहमद एक नेता का बेहद करीबी है, जो पहले भी आपराधिक घटनाओं को अंजाम देकर पुलिस से बचता रहा है।
माना जा रहा है कि सत्ता के दबाव में पुलिस उस पर हाथ नहीं डाल पा रही है। उधर, हिमांशु के गुनहगार की गिरफ्तारी नहीं होने से व्यापारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
अनेक व्यापारियों ने अपनी दुकानों के बाहर बैनर लगाए हैं, जिनपर हिमांशु की फोटो के साथ उसके हत्यारों को गिरफ्तार करने की मांग पुलिस से की गई है।
व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस ने शीघ्र ही अमजद और उसके साथी को गिरफ्तार कर जेल नहीं भेजा तो वह सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उधर, सीओ द्वितीय अमित नागर ने बताया कि पुलिस अमजद और उसके साथी की गिरफ्तारी को लेकर दबिश दे रही है।