ट्रांसफर निरस्त कराने और वेतन नहीं मिलने से नाराज कॉपरेटिव डिस्टलरी लिमिटेड के दो कर्मचारी बृहस्पतिवार की सुबह पेट्रोल की बोतल के साथ चिमनी पर चढ़ गए। करीब 25 फीट ऊपर चढ़े दोनों कर्मचारियों ने मांग पूरी नहीं होने तक नीचे आने से मना कर दिया। हालांकि मौके पर पहुंचे एसडीएम और पुलिस ने बाद में समझाकर नीचे उतारा।
टपरी स्थित कॉपरेटिव डिस्टलरी लिमिटेड के दो कर्मचारी रामपाल निवासी फतेहपुर गुर्जर और मांगेराम निवासी गढ़ी मलूक सुबह पांच बजे पेट्रोल की बोतल लेकर फैक्ट्री में बंद पड़ी चिमनी पर चढ़ गए। करीब आठ बजे लोगों को इसकी खबर हुई तो प्रबंधन कर्मचारियों से बात करने पहुंचा। मगर, कर्मचारी ट्रांसफर निरस्त करने और वेतन जारी हुए बिना नीचे आने से मना कर दिया।
इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और पुलिस मौके पर पहुंच कर बात करनी शुरू की। काफी मशक्कत के बाद करीब 12.30 बजे दोनों कर्मचारियों को सदर एसडीएम ने नीचे उतारा। उन्होंने आश्वस्त किया है कि 15 सितंबर तक इस मामले में आपसी सहमति से हल निकाल लिया जाएगा।
आपको बता दें कि प्रबंधन तंत्र ने आठ दिसंबर 2014 को 21 कर्मचारियों के ट्रांसफर बिहार के नवादा जिले में कर दिए थे। इसी सूची में दोनों कर्मचारी भी शामिल हैं।
तभी से कर्मचारी डिस्टलरी गेट के सामने धरना देकर बैठ गए थे। चिमनी पर चढ़े रामबीर यादव के अनुसार 13 जनवरी 2015 को डिप्टी लेबर कमिश्नर ए के गुप्ता ने फैक्ट्री को आदेश किए थे कि सभी कर्मचारियों का वेतन देते हुए यही तैनात किया जाए।
लेकिन कंपनी आदेशों के विरुद्घ हाईकोर्ट पहुंच गई थी और तभी से मामला विचाराधीन है। उधर, डिस्टलरी के यूनिट हेड उपेंद्र राव का कहना है कि ट्रांसफर एक प्रक्रिया है और नोटिस चस्पा के बाद भी कर्मचारियों ने वहां ज्वाइन नहीं किया। उनका वेतन भी उन्हें वहीं से मिलेगा।