क्षेत्र के ग्राम असदपुर के रास्ते पर चार दिन पूर्व हुई मंजीत की हत्या का कातिल उसका ही दोस्त निकला। पुलिस को दिए बयान में आरोपी ने बताया की मंजीत ने उसके साथ छह माह पहले बुुरा व्यवहार किया था। अपनी बेइज्जती का बदला लेने के लिए उसने दोस्त को गोली से मार डाला। एसपी देहात ने थाने में प्रेस कांफ्रेंस में सबूतों के साथ सारे मामले का खुलासा किया।
मंगलवार को थाने में आयोजित प्रेस वार्ता में एसपी देहात जगदीश शर्मा ने असदपुर के मंजीत हत्याकांड का खुलासा किया। एसपी देहात ने बताया कि मंजीत की हत्या उसके साथी आनंद ने की थी। पुलिस की पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पत्रकारों से बात करते हुए आनंद ने बताया कि वह ट्रांसपोर्ट का काम करता है। एक ही गांव का होने के कारण मंजीत से उसकी दोस्ती थी। करीब छह माह पहले उसके ट्रक चालक मनीष ने लोड किए हुए माल से एक बोरी चीनी चोरी कर ली थी, जिस पर आनंद ने मनीष को धमकाया था। चालक मनीष की बहन के मंजीत के साथ संबंध थे। प्रेमिका के कहने पर मंजीत ने उसे काफी बुरा व्यवहार किया था। इस बात को लेकर उसकी मंजीत के साथ बोलचाल भी बंद हो गई थी। एक माह पहले उसके पिता की मौत पर मंजीत अफसोस जताने उसके घर आया था, जिसके बाद दोनों के बीच पुन: बोलचाल हो गई थी, लेकिन मंजीत का व्यवहार उसे अब भी अखरता था। उसने मंजीत को रास्ते से हटाने की बात मन में ठान ली।
इसी क्रम में वो 14 नवंबर की रात को सरसावा से बाइक पर मंजीत के साथ घर के लिए चला। गांव के रास्ते पर लघुशंका करने के बहाने से उसने बाइक रुकवा ली और सुनसान माहौल देखकर 12 बोर के तमंचे से मंजीत को गोली मार दी। गांव में जाकर बदमाशों द्वारा लूटपाट करने का शोर मचा दिया। एसओ बीपी सिंह ने मंगलवार को आरोपी को साथ लेकर गांव के रास्ते पर स्थित जोहड़ के किनारे झाड़ियों से हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद कर लिया। उधर, प्रेस वार्ता में मौजूद मृतक के गमगीन पिता रविंद्र चौधरी ने खुलासे को सही बताया।