देवबंद में रोडवेज की अनुबंधित बस में परिचालक और यात्रियों से लूटपाट किए जाने के मामले में पुलिस ने रविवार को परिचालक की तहरीर पर दो बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। लेकिन, यात्रियों से हुई लूटपाट का रिपोर्ट में कोई जिक्र नहीं किया गया है। मामले के खुलासे के लिए क्राइम ब्रांच की टीम को काम पर लगा दिया गया है।
शनिवार की रात देवबंद से सवारियां लेकर मुजफ्फरनगर के लिए चली रोडवेज की अनुबंधित बस में पहले से सवार बदमाश ने तमंचा दिखाकर बेहट के साल्हापुर गांव निवासी परिचालक मौ. गुफरान से साढ़े सात हजार रुपये की नगदी तथा यात्रियों से आभूषण व नगदी लूट ली थी। इसके बाद बदमाश बस को रुकवाकर पीछे बाइक पर आ रहे साथी के साथ फरार हो गया था। पुलिस ने रविवार को परिचालक गुफरान की तहरीर पर लूट का मामला दर्ज कर लिया है।
घटना की सूचना घलौली पुलिस चेक पोस्ट पर दी गई तो पुलिस ने परिचालक समेत यात्रियों से पूछताछ करते हुए उनके नाम पते तक लिख लिए थे। लेकिन, यात्रियों के साथ हुई लूटपाट का रिपोर्ट में कोई जिक्र नहीं किया गया है।
इतना ही नहीं पुलिस ने घटना को छुपाने के लिए मीडियाकर्मियों को भी भ्रमित करने का प्रयास किया। लेकिन, परिचालक और यात्रियों से पूछताछ के बाद साफ हो गया कि चलती बस में उनके साथ लूटपाट हुई है, जिसके बाद ही पुलिस ने लूट की घटना को स्वीकार किया।
हाईवे पेट्रोलिंग की भी पोल खुली ःदेवबंद। रोडवेज की अनुबंधित बस में हुई लूटपाट को पुलिस ने हल्के में लिया। यदि समय रहते पुलिस थोड़ी चुस्ती दिखाती तो बदमाशों की घेराबंदी की जा सकती थी। साथ ही रात में हाईवे पर गश्त करने वाली हाईवे पेट्रोलिंग का भी वारदात के वक्त कुछ अता पता नहीं था। लोगों का आरोप है कि गश्त करने के बजाए पुलिसकर्मी रात में किसी भी गांव या ढाबा के बाहर गाड़ी रोककर आराम करते देखे जा सकते हैं।