सहारनपुर के गागलहेड़ी में सोमवार को कार में मिले मां-बेटे के शव के बाद रविवार को पुलिस ने हत्या का खुलासा कर दिया है। दोहरे हत्याकांड को महिला केे पति विजय ने ही अंजाम दिया।
विजय ने अवैध संबंधों के शक में जघन्य अपराध कर डाला। उसने अपने बेटे को भी किसी और का होने के शक में मार दिया। एसएसपी मनोज तिवारी ने पत्रकार वार्ता कर मामले का खुलासा किया।
उन्होंने बताया कि आरोपी विजय पुत्र सुब्बा सिंह ग्राम एबला, थाना भुटाना, जिला करनाल निवासी ने अवैध संबंधों के शक में अपनी पत्नी को मार डाला। उसे शक था कि उसकी पत्नी का कहीं प्रेम प्रसंग चल रहा था, उसे शक था कि जश्न भी उसका पुत्र नहीं है।
जिसके चलते वह तनाव में रहता था। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसकी हालत ऐसी हो गई कि वह स्वयं को खत्म कर ले या फिर पत्नी और बच्चे को मार डाले। इसके बाद उसने अपनी पत्नी और बच्चे को मारने का षड्यंत्र रचा।
रविवार की शाम लगभग 7 बजे विजय पुत्र सुब्बा सिंह अपनी पत्नी सीमा (28) और बच्चा जश्न उर्फ कृष्णा (7) को कार में हरिद्वार घुमाने के बहाने घर से निकला। रास्ते में उसने एक चाकू खरीदा। सहारनपुर बार्डर पर पहुंचकर नौगजा पीर पर रुका।
उसके बाद एक होटल पर कार रोकी और चाय एवं दूध का आर्डर दिया। इसी दौरान मौका पाकर उसने चाय एवं दूध में नींद की गोलियां मिला दी। चाय पीने के बाद वे कार में बैठे और चल दिए। कुछ ही देर में सीमा और जश्न गाड़ी में सो गए।
उनके सोते ही उसने सुनसान स्थान देखकर अपनी सीमा और जश्न का गला रेत कर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद वह उन्हें ठिकाने लगाने के लिए बिहारीगढ़ की ओर जा रहा था लेकिन पुलिस की चेकिंग देखकर उसने कार गांव की ओर मोड़ ली।
काफी देर तक कार को खड़ी देखकर भीड़ जमा हो गई और पुलिस को सूचना दे दी। आरोपी विजय ने पुलिस को गुमराह किया और बताया कि बदमाशों ने उसे रोका। उसका सिम ले लिया। उसके रुपये और जेवर भी बदमाश ले गए।
बदमाशों ने उसकी पत्नी और बच्चे को मार दिया। पुलिस ने सिम की जांच की तो पता चला सिम राजस्थान में चल रहा है। आरोपी घर से ही मोबाइल में सिम डालकर नहीं लाया था।
सीमा के भाई हरियाणा के कैथल निवासी जिले सिंह ने आरोप लगाया कि विजय के किसी दूसरी लड़की के साथ अवैध संबंध हैं। इस बात को लेकर पति-पत्नी के बीच झगड़ा रहता था।
उनकी दूसरी बहन कमलेश की शादी भी विजय के परिवार में हुई है। वह उन्हें बताती थी उनके बीच किसी तीसरी युवती को लेकर झगड़ा रहता है।
विजय उसकी सीमा को डराकर रखता था। विजय एक-एक सप्ताह तक घर नहीं आता था, मारपीट करता था। जब उन्होंने समझाने का प्रयास किया तो उनके परिजनों ने कहा कि वह विजय को सुधार लेंगे, समझा लेंगे।