सहारनपुर के नानौता में संदिग्ध परिस्थितियों में एक 21 वर्षीय युवक ने कमरे के दरवाजे के वेंटिलेशन में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पड़ोसियों ने मकान का दरवाजा तोड़ कर बचाने का प्रयास किया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लिया। देवबंद रोड स्थित दीपक जैन कालोनी में बंगाली डॉ. श्रीपति पांडे का मकान है। डॉ. श्रीपति पांडे कस्बा जलालाबाद जिला शामली में अपना क्लीनिक चलाते हैं।
डाक्टर परिवार समेत कुछ दिन पूर्व ही नानौता स्थित मकान को छोड़ कर जलालाबाद में रहने लगे हैं। मंगलवार की दोपहर को श्रीपति पांडे का 21 वर्षीय पुत्र रजत नानौता स्थित अपने कान पर किसी काम से आया था।
शाम करीब पांच बजे तक बेटे के वापस नहीं पहुंचने पर उसके पिता ने नानौता में पड़ोसियों को फोन कर रजत को देखने की बात कही। पड़ोसियों ने बंद पडे़ मकान के दरवाजे के झरोखे से अंदर झांकर देखा तो दंग रह गए।
रजत कमरे के दरवाजे के वेंटिलेशन से फांसी लगाता दिखा। जिस पर पड़ोसियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस के पहुंचने पर कॉलोनीवासियों ने मकान का दरवाजा तोड़कर उसको फांसी के फंदे से नीचे उतारा।
मगर, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। आत्महत्या की वजह का पता नहीं चल सका है। मौके पर पहुंची पुलिस युवक के परिजनों की प्रतीक्षा कर रही थी। पुलिस के मुताबिक युवक शामली क्षेत्र के ग्राम सिक्का स्थित डिग्री कॉलेज का छात्र है।