फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सड़क हादसे में दंपति और दो बेटियों की मौत

Sun, 11 Oct 2015 11:35 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, सहारनपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
सहारनपुर-मुजफ्फरनगर मार्ग पर छोटा हाथी वाहन की रोडवेज बस से हुई भिड़ंत में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। हादसे में पति, पत्नी और दो बेटियों की मौत हो गई जबकि तीन अन्य घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। हादसे के बाद रोडवेज बस का चालक गाड़ी को तल्हेडी चौकी के पास छोड़कर फरार हो गया।
विज्ञापन

 
मुजफ्फरनगर के छपार थाना क्षेत्र के गांव खुड्डा निवासी मूसा (45) अपने परिवार के साथ छोटा हाथी वाहन से सहारनपुर में खाताखेड़ी स्थित ससुराल से भैंस लेकर आ रहा था। नागल क्षेत्र के बसेडा गांव के पास वाहन अनियंत्रित हो गया, जिससे उसकी सामने से आ रही रोडवेज बस से भिड़ंत हो गई। हादसे में वाहन चला रहे मूसा और उसकी पत्नी महताब (40) की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि पुत्र शोएब (16), समद (12) और पुत्री उमैर (1), फरहीन (10) एवं अफीफा (3) गंभीर रूप से घायल से घायल हो गई।

हादसे के बाद रोडवेज बस चालक तल्हेडी के पास गाड़ी को छोड़कर भाग गया। ग्रामीणों ने नागल थाना पुलिस को सूचना दी। ग्रामीणों और पुलिस की मदद से घायलों को जिला अस्पताल लाया गया। जहां उपचार के दौरान उमैर और फरहीन की मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल अफीफा, शोएब और समद को हायर सेंटर रेफर किया गया। हादसे की जानकारी मिलने के बाद खाताखेड़ी से अखलाक सहित अन्य लोग जिला अस्पताल पहुंचे। थाना नागल पुलिस के मुताबिक हादसों के कारणों की जांच की जा रही है।
विज्ञापन


भैंस के चक्कर में खत्म हो गई चार जिंदगी
मुजफ्फरनगर के छपार से सहारनपुर आते समय सड़क हादसे में एक ही परिवार के चार सदस्यों की जिंदगी खत्म होने का एक कारण वह भैंस भी रही जिसे ससुराल में लाने के लिए वाहन से लाया जा रहा था। घटना को करीब से देखने वाले कुछ ग्रामीणों का कहना है कि भैंस के चक्कर में ही चार जिंदगियां खत्म हो गई। उनके मुताबिक वाहन में पीछे भैंस लदी थी और परिवार के सात सदस्य आगे केबिन में ही थे।

केबिन में कम जगह पर अधिक लोगों के बैठने के कारण ही वाहन को चलाने में दिक्कतें रही होंगी और यह हादसा हो गया। पुलिस भी यह मान रही है कि वाहन के केबिन में अधिक लोग रहे। हालांकि रोडवेज बस चालक की गलती की भी जांच करवाई जा रही है।

बताया जा रहा है कि भैंस वाले वाहन को मूसा ही चला रहा था। सामने के केबिन में होने के कारण ही रोडवेज बस से भिड़ंत के बाद मूसा और बराबर में बैठी बीवी मेहताब की मौके पर ही मौत हो गई जबकि अन्य बच्चे भी गंभीर रूप से जख्मी हुए। बाद में उपचार के दौरान दो बेटियों उमैर और फरहीन ने भी दम तोड़ दिया। जिला अस्पताल में शहर के खाताखेड़ी से पहुंचे मूसा के साले अखलाक और ससुराल के अन्य लोगों ने कहा कि उन्हें इस बात का मलाल है कि एक भैंस के चक्कर में परिवार उजड़ गया।

उन्होंने आशंका जताई कि रोडवेज बस चालक की भी बड़ी चूक रही होगी, जिससे यह हादसा हुआ। लेकिन, यदि छपार से यहां कम लोग आते तो शायद कुछ जिंदगियां बच सकती थीं। हादसे के बाद मुजफ्फरनगर के छपार से लेकर यहाभं खाताखेड़ी में ससुराल पक्ष के लोगों में मातम छा गया।

ऐ खुदा अब बचे बच्चों को तो बचा ले
ससुराल पक्ष से आए लोग यही कहते रहे कि ऐ खुदा अब जख्मी हुए बच्चों की जिंदगी बचा ले। अखलाक ने कहा कि बहन मेहताब और बहनोई तो अब इस दुनिया में नहीं रहे लेकिन अब बच्चों समद, शोएब और अफीफा की हालत पर ही नजर है। काश! उन्हें कुछ न हो।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें