सहारनपुर के देवबंद में तबस्सुम चीखती रही, रहम की भीख मांगती रही, लेकिन अजीमुशान चारपाई के पाए से वार पर वार करता रहा। वह तबस्सुम पर तब तक प्रहार करता रहा, जब तक वह बेजान होकर गिर नहीं गई। अजीमुशान का गुस्सा इतने पर ही ठंडा नहीं हुआ। वह खून में लथपथ तबस्सुम के शव को बालों से पकड़कर जीने की सीढ़ियों से घसीटता हुआ नीचे लाया और कमरे में लाकर डाल दिया।
अजीमुशान का यह रूप देख पड़ोसी भी सहम गए। तबस्सुम की चीखें सुनकर पड़ोसी छतों पर पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तबस्सुम पूरी तरह लहूलुहान थी और चारों तरफ खून ही खून बिखरा पड़ा था। पड़ोसियों ने बताया कि जब उन्होंने उसे रोकने का प्रयास किया तो उन पर भी हमलावर हो गया और उनके साथ गाली गलौज की। उनसे कहा कि यह उनका घर का मामला है, किसी को बीच में बोलने की जरूरत नहीं है।
दिल्ली में सीटी स्कैन का कोर्स कर रहा हत्यारोपी
देवबंद। हत्यारोपी अजीमुशान दिल्ली के एक कालेज से एमडी इन रेडियो डायग्नोसिस (सीटी स्कैन) का कोर्स कर रहा है। पढ़ा लिखा होने के बावजूद उसने ऐसा कदम उठाया। इसको लेकर आस पड़ोस के लोग चर्चा करते दिखे। हालांकि अजीमुशासन को अपने किए पर जरा भी पछतावा नहीं है। पुलिस गिरफ्त में वह मुस्कुराता रहा।
डाक्टर तनवीर की दोनों पत्नियों के छह बच्चे
देवबंद। डाक्टर तनवीर की पहली पत्नी अफरोज के तीन बच्चे हैं। जिनमें आरोपी अजीमुशान (20 वर्ष), बेटी अलविरा (13 वर्ष) और फरकिसा (11 वर्ष) है, जबकि तबस्सुम के तीन बच्चे रफिया, सुबिया और मिनाल हैं। तीनों अभी बहुत छोटे हैं।
क्लीनिक से शुरू हुआ इश्क, रजनी से बनी थी तबस्सुम
देवबंद। मृतका तबस्सुम और डाक्टर तनवीर ने प्रेम विवाह किया था। डाक्टर तनवीर गाजियाबाद स्थित खेड़ा कालोनी में क्लीनिक चलाता है। वहां करीब नौ वर्ष पूर्व मोहल्ला खुड़ान निवासी अनुसूचित वर्ग की रजनी नर्स के तौर पर काम करती थी। इस दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और दोनों में इश्क हो गया। जिसके बाद डाक्टर तनवीर ने रजनी से निकाह कर लिया और निकाह के बाद धर्म परिवर्तन कर तबस्सुम बन गई। शादी करने के बाद डाक्टर तनवीर उसे देवबंद ले आया। नीचे के कमरे में तनवीर की पहली पत्नी अफरोज रहती है, जबकि तबस्सुम छत पर बने कमरे में रह रही थी।