गांव जड़ौदा पांड़ा में एक अधेड़ बेटे और उसकी 75 वर्षीय मां ने सोमवार की रात मौत को गले लगा लिया। बेटे ने जहर खाकर जान दी, वहीं मां का शव गांव में एक पेड़ से लटका मिला।
झकझोर देने वाली इस घटना से गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिवार में कोहराम मच गया। ग्रामीणों के मुताबिक बेटे ने अवसाद में और उसकी मां ने पुत्र वियोग मेें यह कदम उठाया। पुलिस को सूचना दिए परिजनों ने दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया।
मंगलवार की सुबह गांव जड़ौदा पांडा निवासी 40 वर्षीय कृष्णपाल पुत्र आभा का शव उसके कमरे में पड़ा मिला। इस पर परिवार में कोहराम मच गया।
अभी तक परिजन और ग्रामीण कृष्णपाल की मौत के कारणों को समझ भी नहीं सके थे कि उसकी 75 वर्षीय मां चहती देवी का शव लोगों ने श्मशान घाट के पास खड़े पेड़ से लटका मिलने से गांव में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों के मुताबिक कृष्णपाल अत्यधिक शराब पीने आदी था, जिसकी वजह से प्रतिदिन घर में कलह रहती थी।
इसी की वजह से वह मानसिक अवसाद में चल रहा था। शराब पीने की वजह से ही उसकी शादी भी नहीं हो सकी थी। सोमवार की रात उसने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। वृद्ध मां बेटे की मौत सहन नहीं कर सकी और उसने भी रात में ही गांव के श्मशान घाट के पास पेड़ की फंदा डालकर फांसी पर लटक कर जान दे दी।
इसके बाद परिजनों ने आनन फानन में दोनों मृतकों का अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस ने घटना की जानकारी होने से इनकार किया है। उधर, एसपी देहात जगदीश शर्मा ने भी घटना की जानकारी होने से इनकार किया है।