सहारनपुर के गंगोह के गांव जंधेडा में किसान चतर सिंह की हत्या कर पशु लूटने की वारदात में एक स्लाटर हाउस संचालक के रिश्तेदार का नाम सामने आने से गुस्साए ग्रामीणों ने कोतवाली पर नारेबाजी और हंगामा किया।
वह पशु वधशालाओं को बंद कराने, संचालकों और उसके लूट एवं हत्यारोपी रिश्तेदार की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। सुनवाई न होने पर ग्रामीणों ने लखनौती चौक पर जाम लगा दिया। बाद में कोतवाल और ग्रामीणों के बीच हुई वार्ता में कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने पर प्रदर्शनकारी शांत हुए।
नगर और देहात क्षेत्र में बढ़ती पशुु चोरियों से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। चतरसिंह की हत्या के मामले में स्लाटर हाउस संचालक के रिश्तेदार का नाम सामने आने की भनक लगते ही उनका गुस्सा फूट पड़ा।
रविवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण कोतवाली पहुंचे और कार्रवाई की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि क्षेत्र में हो रही पशु चोरियों की वारदातों के लिए नगर में चल रहे स्लाटर हाउस जिम्मेदार हैं।
बदमाश किसानों की हत्याएं कर पशुओं को लूट रहे है। चुराएं और लूटे गए पशुओं को इन स्लाटर हाउसों में काटा जा रहा है। आए दिन हो रही वारदातों से पशुपालकों में दहशत में हैं और उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
वहां सुनवाई न होने से वह भड़क गए और उन्होंने लखनौती चौक पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर कोतवाल योगेश शर्मा प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे और उन्हें समझाकर जाम खुलवाया।
इसके बाद जिला पंचायत सदस्य चौधरी नक्षत्रपाल सिंह, व अरविंद कुमार एवं संजय प्रधान कम्हेडा, पूर्व प्रधान भोपाल सिंह जंधेडा, मुन्नू चौधरी, प्रधान मनोज शर्मा मोहड़ा, सरदार अवतार सिंह, जितेंद्र जागलान, जसबीर सिंह और पुलिस के बीच बैठक हुई।
कोतवाल के दो दिन में कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने पर प्रदर्शनकारी शांत हुए। संजय प्रधान शेरमऊ, बालिस्टर, सुरेंद्र सरपंच, रणबीर सिंह, पुन्ना राम, मदनपाल, उधल सिंह, अमरजीत सिंह लाडी, सतनाम, इसम सिंह आदि शामिल रहे।
उधर पशु लूट का खुलासा होने और बदमाशों के पकडे़ जाने की सूचना पर गांव गुरुनानक पुरा निवासी सरदार नरवैर सिंह भी कोतवाली पहुंचा। बताया कि लगभग आठ माह पूर्व उसके डेरे से उसे और उसके नौकर को बंधक बनाकर बदमाश मारपीट करते हुए तीन लाख रुपये से ज्यादा कीमत की पांच भैंसें लूट ले गए थे। उसने भी अपने लूट गए पशुओं की बरामदगी की मांग की।