दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की गिरफ्त में आया संदिग्ध आतंकी शाकिर अंसारी के अत्यधिक सक्रियता की वजह से वह भारत में आतंकियों की अहम कड़ी बन गया था। विदेशों में बैठे आका शाकिर से संपर्क आने के बाद सभी मैसेज उसके जरिए आगे भिजवाते थे।
दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़े साजिद के संपर्क में आने के बाद शाकिर फेसबुक पर तलहा पेज के जरिये जैश-ए-मोहम्मद तक पहुंचा था।
जैश-ए-मोहम्मद के संपर्क में सबसे पहले साजिद आया था। दिल्ली में रहने के दौरान शाकिर की जान-पहचान साजिद से अच्छी हो गई थी।
सबसे पहले साजिद ने फेसबुक पर एक दिन आपत्तिजनक और भड़काऊ पोस्ट की। इसके बाद उसके इस पोस्ट पर ही एक कम्यूनिटी की रिक्वेस्ट आई। कंप्यूटर और इंटरनेट का ज्यादा ज्ञान नहीं होने के कारण साजिद को शाकिर ने इस रिक्वेस्ट के बारे में बताया। इसके बाद वह उस कम्यूनिटी के जरिये ग्रुप से जुड़ गया।
उसकी आईडी से शाकिर ने आमिर जैश नाम के एक व्यक्ति की वेबसाइट तलाश कर ली। इसी वेबसाइट पर सर्च के दौरान उसे तलहा अजहर का मोबाइल नंबर मिल गया था। शाकिर के कहने पर साजिद ने उस नंबर पर फोन भी किया था। पहली बार फोन करने पर उसकी बात तलहा अजहर के सचिव से हुई।
इसके बाद उसने ही तलहा अजहर से भी साजिद और शाकिर की बात कराई थी। कई दौर की बातचीत के बाद जैश-ए-मोहम्मद के चीफ अजहर मसूद के भाई तलहा ने इन्हें वाट्सअप का एक ग्रुप ज्वाइन कराया था।
इसके बाद उसी ग्रुप के जरिये भड़काऊ वीडियो और अन्य निर्देश दिए जाते थे। पुलिस पूछताछ पकड़े गए संदिग्ध आतंकियों ने बताया कि उनके संपर्क में अलग-अलग जगहों के कई नौजवान थे। जिन्हें वे प्रभाव में लेकर अपने साथ करने की पूरी कोशिश में थे।
मोबाइल से मिल सकती है अहम जानकारी
देवबंद से गिरफ्तार किए संदिग्ध आतंकी के पास से पुलिस को एक मोबाइल फोन मिला है। उस फोन की पूरी पड़ताल चल रही है। इसमें भी पुलिस के हाथ कई अहम जानकारियां मिली है। इसके अलावा कुछ और सूचनाएं इस फोन के जरिये पुलिस को मिलने की उम्मीद है।