सहारनपुर के दरियापुर गांव में उत्पन्न दलित-राजपूत विवाद के कारण दलित युवक की घुड़चढ़ी मंगलवार को कड़ी सुरक्षा में हुई। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए एसडीएम और सीओ जहां गांव में कैंप किया हुआ है,
वहीं कई थानों की पुलिस, पीएसी, आरएएफ और महिला पुलिस तक तैनात है। बुधवार को युवक की बारात रवाना होगी। बता दें कि ग्राम दरियापुर में राजपूतों और दलितों के बीच चल रहे तनाव के मद्देनजर यहां के दलित तिलकराम ने अपने बेटे सोमबीर की 12 जुलाई की शाम होने वाली घुड़चढ़ी
और 13 जुलाई की सुबह बारात रवानगी को निर्विघ्न संपन्न कराने की गुहार डीएम से लगाई थी। डीएम के निर्देश पर पुलिस ने दोनों पक्षों के 29 लोगों पर निरोधात्मक कार्रवाई की थी। अब शादी को निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए सोमवार की देर रात से ही गांव दरियापुर में नानौता पुलिस के साथ-
साथ गंगोह, तीतरों, मिर्जापुर, रामपुर मनिहारान, बड़गांव, महिला थाना पुलिस सहित आरएएफ और पीएसी बल के पहुंचने पर ग्रामीणों में कौतूहल की स्थिति उत्पन्न हो गई।
एसडीएम रामपुर मनिहारान हीरालाल यादव, सीओ देवबंद योगेंद्रपाल सिंह और थानाध्यक्ष अवनीश कुमार यादव ने दोनों पक्षों के लोगों की बैठक कर विवाद निपटाने का प्रयास किया।
दलित घुड़चढ़ी को गांव के बीच वाले रास्ते से चौपाल तक ले जाने पर अडे़ रहे तो राजपूत पक्ष के लोग अनूप सिंह की बैठक तक ही घुड़चढ़ी आने देने की बात पर अडिग थे।
आखिर में ग्राम सोनाअर्जुनपुर के पूर्व प्रधान श्यामबीर सिंह, सपा नेता बलराज सिंह, देवराज सिंह ने राजपूत पक्ष की वार्ता अफसरों से कराई। इसमें अफसरों को भरोसा दिलाया गया कि उनकी ओर से घुड़चढ़ी में किसी प्रकार का विरोध नहीं किया जाएगा।
उनकी मांग थी कि गांव में ठाकुर पक्ष के एक परिवार में कुछ दिन पूर्व मौत हो गई थी। मातम वाले घर के पास से बिना बैंडबाजे के घुड़चढ़ी को निकाल लिया जाए। इस पर दलित पक्ष के लोग सहमत हो गए।