सहारनपुर के ग्राम सड़क दूधली में पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी की घटना के बाद सन्नाटा है। गांव में तनाव की स्थिति अभी तक बनी हुई है। लोग दहशत में नजर आ रहे हैं। हर गली, नुक्कड़ पर पुलिसकर्मी तैनात हैं, आने-जाने वाले लोगों पर नजर रख रहे हैं।
फिलहाल पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की गांव में आवाजाही बनी है। बृहस्पतिवार को दोपहर में हुई घटना के बाद से सड़क दूधली में हुए बवाल की आग देर रात तक धधकती रही।
अधिकारी आधी रात तक गांव में चक्कर लगाते रहे। आईजी, डीआईजी, एसएसपी के अलावा डीएम, एडीएम और एसडीएम की गाड़ियां आधी रात तक गांव में दौड़ती रहीं। पूरा गांव दहशत में रहा, कि कहीं फिर से कोई बवाल न हो जाए, क्योंकि दोनों पक्षों के लोग देर रात तक अपनी-अपनी जिद पर अड़े हुए थे।
आईजी द्वारा सख्ती दिखाने के बाद तय हो पाया था कि गांव में शोभायात्रा नहीं निकलने दी जाएगी। जिसके बाद गांव में फोर्स और भी बढ़ा दी गई थी।
शुक्रवार को गांव में सुबह से ही सन्नाटा रहा। लोग घरों से बाहर बहुत कम ही निकल रहे थे।
गांव की दुकानें नहीं खुलीं और जिन दुकानों में तोड़फोड़ और आगजनी हुई थी उनका जला हुआ कुछ सामान शुक्रवार को भी बाहर ही पड़ा रहा। महिलाएं तो घर से पूरे दिन ही नहीं निकलीं। हाईवे की दुकानें तक नहीं खोली गईं।
पुलिस ने पूरे गांव को ही छावनी बना डाला था। शहर के देहरादून चौक से ही पुलिस लगा दी गई। गांव में घुसते ही पुलिस की एक टुकड़ी हर मोड़ पर बैठी हुई नजर आई। जहां दुकानों में तोड़फोड़ की गई उस मोड़ पर भी लगभग एक दर्जन पुलिस कर्मी तैनात रहे।
घटनास्थल पर एसपी सिटी, एसडीएम, सीओ समेत एक टुकड़ी पुलिस की मौजूद थी। अधिकारियों की गाड़ियां लगातार गांव में चक्कर लगा रही थीं। गांव के लोगों से घटना के मामले में जानकारी करने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई इस घटना पर मुंह खोलने के लिए तैयार नहीं था।
हालांकि घटना को लेकर सभी लोग क्षुब्ध नजर आए और इसके लिए कुछ असामाजिक तत्वों को ही जिम्मेदार ठहरा रहे थे। सड़क दूधली से लेकर शहर के देहरादून चौक तक पुलिस ही पुलिस नजर आई। मामले की संवेदनशीलता पर मुजफ्फरनगर और शामली से भी अधिकारियों सहित पुलिस बल को बुलाया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लव कुमार का कहना है कि गांव में फिलहाल माहौल शांतिपूर्ण है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी गांव में तैनात हैं। कोई भीड़ एकत्रित नहीं हो रही है। बवाल के आरोपियों के खिलाफ एफआईआर कराई जा रही है।