सहारनपुर पुलिस हवालात के बाहर बैठी रही और बंदी हवालात का लोहे के जाल से बना रोशनदान तोड़ते रहे। बंदियों द्वारा की गई तोड़फोड़ के समय पुलिस के आंख और कान दोनों ही बंद हो गए।
एक नहीं बल्कि चार-चार बंदी फरार हो गए, कई घंटों बाद होश आया तो बहुत देर हो चुकी थी। पुलिस कर्मियों की इस लापरवाही पर गाज गिरना तय है। दिन में उस जगह से बंदी फरार हुए, जहां उनको रखे जाना सुरक्षित माना जाता है।
सुरक्षा के लिए लोहे के मजबूत गेट और सीमेंट के बने रोशनदान पर भी लोहे की जाली। बाहर पुलिस कर्मियों का पहरा, फिर भी बंदियों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंक दी और फरार हो गए। बंदियों ने रोशनदान का पहले तो लोहे का जाल तोड़ा और फिर सीमेंट का रोशनदान तोड़ दिया।
ताज्जुब की बात यह है कि किसी भी पुलिसकर्मी को न तो कुछ दिखाई दिया और न ही कुछ सुनाई दिया। जबकि हवालात के बाहर खड़े होकर ही चारों हवालात में बंद हर बंदी को देखा जा सकता है।
गेट बंद होने के बावजूद एक-एक बंदी पर नजर रखी जा सकती है। बुधवार को पुलिसकर्मी और एचसीपी भी हवालात के ठीक सामने कुर्सी पर बैठे रहे। फिर भी किसी को कुछ पता नहीं चल पाया।
अधिकारियों को भी इस पर विश्वास नहीं हो पाया कि सामने से ही बंदी फरार हो गए। इसे पुलिसकर्मियों की लापरवाही माना है। एसएसपी भारत सिंह यादव ने कहा है कि इस मामले में जांच की जाएगी और लापरवाह कर्मियों को दंडित किया जाएगा।