संकरी गलियों में स्थित तीन मंजिला जर्जर मकान का एक हिस्सा गिरने से सोमवार शाम में छह लोग दब गए। आसपास के लोगों ने मलबे में दबे लोगों को काफी मशक्कत के बाद निकाला।
आनन-फानन में सभी को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डाक्टरों ने दो युवकों को मृत घोषित कर दिया। हादसा होनेे के बाद प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें केवल मूकदर्शक बनी रहीं। राहत और बचाव कार्य में प्रशासनिक अमला पूरी तरह से फेल साबित हुआ।
हिरनमारान स्थित माहेश्वरी पंचायती मंदिर के सामने अशोक कुमार का वर्षों पुराना मकान है। इसमें नीचे के हिस्से में गोदाम है, पहली और दूसरी मंजिल पर तीन परिवार किराए पर रहता है।
नीचे के हिस्से में अश्वनी की चाय की दुकान है। सोमवार की शाम करीब पौने छह बजे राहुल शर्मा, अवि उर्फ पारस, कार्तिक, राहुल और सोनू अश्वनी से मिलने पहुंचे थे। इस बीच अचानक मकान का एक हिस्सा भरभरा कर गिर गया और इसमें एक ही कमरे में मौजूद छह लोग दब गए।
मकान गिरने से मोहल्ले में अफरा-तफरी मच गई, लोग घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़े और राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया। सूचना पर पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीम पहुंची, मगर बेहद संकरी गली में हादसा होने के चलते मूकदर्शक बनी रही। हालांकि सीओ-प्रथम और उनके गनर ने जरूर सक्रियता दिखाई।
पब्लिक ने हाथों और कुदाल की मदद से मलबा हटाना शुरू किया। हादसे की सूचना पर डीएम पवन कुमार मौके पर पहुंच गए, मगर रेस्क्यू टीम तब तक नहीं पहुंच पाई थी। लोगों की मदद से राहुल शर्मा (23) पुत्र सुनील शर्मा निवासी मुंशीयान, अवि उर्फ पारस (24) पुत्र रणधीर, निवासी भरत वाटिका, राकेश केमिकल, कार्तिक (24) पुत्र राकेश निवासी हीरनमारान, राहुल (21) पुत्र अरुण निवासी अलीमाजनान, सोनू पुत्र सुरेश कुमार और अश्वनी पुत्र प्रमोद को निकाला गया। बेहद संकरी गली में हादसा होने के चलते सीओ-प्रथम के बोलेरो में ही घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने राहुल शर्मा और अवि उर्फ पारस को मृत घोषित कर दिया।
उधर, हादसे की खबर लगते ही सांसद राघव लखनपाल शर्मा, नगर विधायक राजीव गुंबर, पूर्व मंत्री संजय गर्ग, सपा जिलाध्यक्ष जगपाल दास, फैसल सलमानी, शायान मसूद सहित अन्य नेताओं ने भी मौके पर पहुंच कर मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी।