चंडीगढ़ में रहने वाली कक्षा नौ की छात्रा से रांग नंबर के रूप में हुई बात के बाद एक मनचला उसके पीछे ही पड़ गया। छात्रा के इंकार के बावजूद एक महीने से लगातार फोन कर दोस्ती करने का दबाव बनाता रहा। परिजनों को साथ लेकर सहारनपुर पहुंची छात्रा ने मनचले को मिलने के बहाने देहरादून चौक पर बुलाया और जमकर खबर ली। धुनाई करने केे बाद उसे पुलिस को सौंप दिया गया।
थाना जनकपुरी में परिजनों के साथ पहुंची 13 वर्षीय छात्रा ने बताया कि वह कक्षा नौ में पढ़ती है। करीब एक महीने पहले उसके मोबाइल पर कॉल आई। उसने रांग नंबर कहकर फोन काट दिया। आरोप है कि उसके बाद लड़का बार-बार उसे फोन करता और दोस्ती करने की बात कहता। वह बार-बार मना करती रही।
बकौल छात्रा, लड़का उसे दिन में कई बार फोन करने के साथ ही रात में भी मिस कॉल करता था। उसे उम्मीद थी कि मना करने पर वह फोन करना बंद कर देगा। मगर जब ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद छात्रा मानसिक तनाव में आ गई और उसने पूरी घटना परिजनों को बताई। परिजन सुनकर हक्के-बक्के रह गए।
परिजनों ने मनचले को सबक सिखाने की योजना बनाई। इसी योजना के तहत छात्रा शनिवार को मां, चाचा और मौसा को साथ लेकर सहारनपुर पहुंची। उसने लड़के को फोन कर देहरादून चौक पर मिलने के लिए बुलाया। परिजन अलग खड़े हो गए।
आरोपी ने देहरादून चौक पहुंचकर तुरंत छात्रा को फोन कर लोकेशन पूछी और बताया कि वह नीली शर्ट पहने बाइक पर है। छात्रा ने आसपास नजर दौड़ाई तो करीब 17 वर्षीय लड़का बाइक पर बैठा हुआ था। लड़की ने पास जाकर उससे बात करना शुरू कर दी। इसके बाद परिजनों ने तुरंत उसे दबोच लिया और चप्पलों तथा घूसों से पिटाई शुरू कर दी।
देहरादून चौक पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। परिजन उसे जनकपुरी थाने ले गए। किशोर ने अपना नाम उत्सव पुत्र जगदीश सिंह बताया। उसका कहना है कि छात्रा को फोन करने वाला उसका साथी है, जो उसे साथ लेकर आया था। उधर, थाना प्रभारी संजीव कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
छात्रा की पढ़ाई बाधित
छात्रा ने बताया कि लगातार फोन कॉल्स की वजह से वह टेंशन में आ गई थी। डर की वजह से शुरू में उसने परिजनों को भी कुछ नहीं बताया। ऐसे में उसकी पढ़ाई भी डिस्टर्ब हुई। ऐसे में उसके एग्जाम ठीक से नहीं हो सके और उसके नंबर भी कम आए हैं।
सहारनपुर में है ननिहाल
पीड़िता का ननिहाल सहारनपुर में है। चंडीगढ़ से सहारनपुर पहुंची छात्रा के साथ उसके ननिहाल के लोग भी थाना जनकपुरी पहुंचे थे।
रजत है आरोपी
छात्रा ने बताया कि उसे फोन करने वाला लड़का अपना नाम रजत बताया करता था, जो 12वीं का छात्र है। ऐसे में हो सकता है कि पकड़ा गया लड़का वह न हो, जो बात करता था। पकड़े गए लड़के ने अपना नाम उत्सव बताया है और वह भी 12 वीं का छात्र है। उसका कहना है कि रजत उसका दोस्त है, जिसके पिता का नाम प्रमोद कुमार है, जो रक्खा कॉलोनी में रहते हैं। उसका दोस्त उसे यहां लेकर आया था, जो उसे यहां खड़ा कर चला गया।