सहारनपुर के बेहट में एससी एसटी एक्ट में संशोधन पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में भडके दलित समाज के लोग और पुलिस के बीच टकराव हो गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने पत्थरबाजी कर पुलिस को दौड़ा लिया।
पुलिस के दो वाहनों में तोड़फोड़ के बाद पुलिस ने लाठी फटकारी, साथ ही हवा में गोली भी चलाई। बाद में अफसरों के आश्वासन के बाद लोगों ने जाम खोल दिया। दलित समाज के लोगों ने गांव बावैल बुजुर्ग में सुबह लगभग साढ़े दस बजे सड़क पर लोहे के पोल डालकर दिल्ली-यमनौत्री हाईवे पर जाम लगा दिया।
सूचना मिलने पर बेहट पुलिस मौके पर पहुंची। आरोप है कि पुलिस ने दलितों को दो मिनट में जाम खोलने की चेतावनी दी। लोगों ने जाम नहीं खोला तो पुलिस ने उन पर लाठियां फटकारीं। पुलिस के बल प्रयोग करने पर प्रदर्शनकारी भड़क उठे।
लोगों का आरोप है कि पुलिस ने जाम खुलवाने की अपील करने की बजाय सीधे दो मिनट का समय देकर लाठियां भांजनी शुरू कर दीं। इससे लोग आक्रोशित हो गए और भीड़ में शामिल महिलाओं ने पास की ही एक दीवार से ईंटें निकालकर पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।
इससे पुलिसकर्मियों में भगदड़ मच गई। पुलिसकर्मी अपनी जान बचाकर भागने लगे। पुलिस ने एक राउंड फायरिंग भी की। लेकिन लोगों का गुस्सा बढ़ता ही गया। लोगों ने पुलिस की डायल 100 एवं एंटी रोमियो गाड़ियों पर अपना गुस्सा उतारा।
गाड़ियों पर पथराव कर उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया। पथराव और फायरिंग की जानकारी मिलते ही सीओ शिवराज सिंह, एसडीएम वैैभव शर्मा एवं तहसीलदार हर्ष चावला भी पहुंचे। साढ़ौली कदीम के ब्लाक प्रमुख हंसराज गौतम एवं बसपा के विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष भी मौके पर पहुंच गए।
उन्होंने समझाकर लोगों को शांत कराया। लगभग दो घंटे बाद लोगों ने उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज न करने और लाठी चार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के आश्वासन पर जाम खोल दिया।
- ग्राम बाबैल बुजुर्ग में पथराव, तोड़फोड़ और फायरिंग की घटना पुलिस की गलती का नतीजा रही।
बाबैल बुजुर्ग की घटना को छोड़कर जिले भर में बंद के दौरान शांति रही। पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की तरफ से पूरे आंदोलन की वीडियोग्राफी कराई गई है। फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जाएगी।
बबलू कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर।