सहारनपुर के बेहट में अवैध खनन की शिकायत पर यमुना नदी के बरथा कोरसी घाट पर छापेमारी के बाद देर रात खनन अधिकारी द्वारा बेहट कोतवाली में असलमपुर बरथा के ग्राम प्रधान समेत 20 के खिलाफ खनिज अधिनियम की धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
बता दें कि यमुना नदी में अवैध खनन की शिकायत डीएम और शासन स्तर पर किए जाने के बाद बृहस्पतिवार को खनन अधिकारी डॉ. अभय रंजन, एसडीएम बेहट डॉ. सुरेश कुमार, तहसीलदार योगेंद्र यादव व सीओ बीपी जाखड़ आदि
अधिकारियों की टीम ने बेहट कोतवाली एवं थाना मिर्जापुर पुलिस को साथ लेकर यमुना नदी के बरथा कोरसी घाट पर छापा मारा था। यहां खनन कर करीब 20 लोग टीम को देखकर अपनी ट्रैक्टर-ट्रालियों, ट्रकों एवं जेसीबी मशीनों को साथ लेकर हरियाणा की तरफ भाग गए थे।
टीम को मौके पर खनिज सामग्री से भरे ट्रक पंजीकरण संख्या-एचआर 74/7574 व ट्रक पंजीकरण संख्या-एचआर 58 ए/89 83 खड़े मिले थे, जबकि उनके चालक वसीम पुत्र लियाकत अली निवासी गांव पीपली माजरा, थाना छछरौली, जिला यमुनानगर (हरियाणा) तथा शाकिर पुत्र जमील निवासी गांव
मुजफ्फराबाद थाना फतेहपुर, जनपद सहारनपुर मौके से भाग निकले थे। देर रात इस मामले में खनन अधिकारी द्वारा बेहट कोतवाली में असलमपुर बरथा के ग्राम प्रधान रणबीर सिंह, शाकिर और वसीम समेत 20 अन्य के खिलाफ खनिज अधिनियम की धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई।
दो दिन पहले भी खनन अधिकारी कोतवाली पुलिस को साथ लेकर बरथा कोरसी घाट पर अवैध खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंचे थे, लेकिन यहां खनन कर रहे लोगों की भीड़ खनन अधिकारी एवं पुलिस को दौड़ा दिया था।
खनन माफिया को अधिकारियों और पुलिस का मिला संरक्षण है। बता दें कि गत 1 जनवरी को असलमपुर बरथा के सुरेंद्र उर्फ पप्पी ने डीएम व प्रमुख सचिव राजस्व से अवैध खनन किए जाने की शिकायत की थी। इस पर खनन एवं प्रशासनिक विभाग के अधिकारियों को पुलिस को साथ लेकर माफिया के खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ी।