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प्रवीण के हत्यारे को उम्रकैद

Sat, 13 Aug 2016 01:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
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गांगनौली गांव में पुलिस सुरक्षा के बीच खेत में काम करने जाता राजेंद्र सिंह (फाइल फोटो)। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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गांगनौली गांव में युवक प्रवीण की 12 सितंबर 2012 को हुई हत्या के मामले में कोर्ट ने आरोपी कालू उर्फ राजीव को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। केस के दो आरोपी गांगनौली गांव के प्रमोद और अमित उर्फ सद्दाम की मौत हो चुकी है।
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 गांगनौली गांव के किसान राजेंद्र सिंह ने दोघट थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका भतीजा प्रवीण 12 सितंबर 2012 को शाम करीब आठ बजे गांव में नरेश की दुकान पर बीड़ी लेने के लिए गया था।

इसी दौरान बाइक पर सवार होकर आए गांगनौली गांव के प्रमोद पुत्र सतवीर, अमित उर्फ सद्दाम और बिनौली क्षेत्र के गांव गल्हैता के कालू उर्फ राजीव ने ताबड़तोड़ गोलियों मारकर प्रवीण की हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी कालू उर्फ राजीव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। आरोपी प्रमोद और अमित फरार चल रहे थे। पुलिस ने आरोपी कालू के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। 
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 अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अनुज ढाका ने बताया कि मामला जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजय हरकौली की कोर्ट में चल रहा था। कोर्ट में सात गवाहों की गवाही हुई। घटना की चश्मदीद प्रवीन की मां सरोज देवी की कोर्ट में पूरी गवाही नहीं हो पाई थी।

इससे पहले ही उसकी मौत हो गई थी। कोर्ट ने आरोपी कालू उर्फ राजीव को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई तथा 10 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड की राशि जमा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। आरोपी प्रमोद और अमित की मौत हो चुकी है। 
q परिवार के पांच सदस्यों की जा चुकी है जान 

बागपत। गांगनौली गांव में रंजिश के चलते किसान राजेंद्र के परिवार पर पूरा कहर ढाया गया। 13 अगस्त 2012 को सबसे पहले राजेंद्र पर जान से मारने की नियत से फायरिंग की गई। 12 सितंबर 2012 को उनकी भतीजे प्रवीण की गोली मारकर हत्या की गई। एक माह बाद 13 अक्टूबर 2012 को राजेंद्र के बेटे संजीव उर्फ संजू की गोलियों से भूनकर हत्या की गई।

13 नवंबर 2013 को पुलिस सुरक्षा में राजेंद्र के भाई रामवीर और भाभी सरोज (प्रवीण के माता-पिता) की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। 18 अगस्त 2014 को खेत से लौटते समय पुलिस सुरक्षा में राजेंद्र के बेटे पप्पू की हत्या की गई। 

न्याय की लडू़ंगा लड़ाई : राजेंद्र 
बागपत। किसान राजेंद्र सिंह ने कहा कि परिवार के लोगों की हत्या करने के एक-एक आरोपी को जब तक सजा नहीं मिल जाएगी। चैन से नहीं बैठेगा। उन्हें न्याय पालिका का पूरा विश्वास है।

मेरी बहन को मिला इंसाफ : अशोक 
बागपत। सरोज के भाई अशोक मलिक ने कहा कि कोर्ट के फैसले ने उसकी बहन सरोज को इंसाफ दिया है। सरोज ने अपने बेटे और परिवार के लिए अपनी जान न्यौछावर कर दी। 
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