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छेड़छाड़ पीड़िताओं के घर पहुंची पुलिस

Thu, 08 Sep 2016 12:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
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पुलिस के पहुंचने पर इकट्ठा भीड़। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में आखिरकार सहारनपुर पुलिस की नींद टूट ही गई। रविवार के अंक में अमर उजाला में तीन बहनों द्वारा छेड़छाड़ के चलते कॉलेज जाना बंद किए जाने की खबर प्रकाशित होने के बाद डीजीपी ने संज्ञान लिया।
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जिसके बाद पुलिस ने छेड़छाड़ के आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।  थाना जनकपुरी क्षेत्र की तीन बहनों द्वारा शोहदों की छेड़छाड़ से परेशान होकर पढ़ाई छोड़ने के संवेदनशील मामले को अमर उजाला के रविवार के अंक में प्रकाशित किया गया।

जिसमें तीनों बहनों ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर सहायता की गुहार लगाने की बात कही तथा पुलिस पर कार्रवाई न किए जाने का भी आरोप लगाया था। 
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मामला सार्वजनिक होते ही पुलिस और प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई। मामला लखनऊ और पीएमओ तक जा पहुंचा। मामला संज्ञान में आते ही डीजीपी जावेद अहमद ने ट्वीट किया तो सहारनपुर पुलिस को होश आया और तीनों बहनों के घर की ओर सीओ प्रथम सुनीति सिंह एवं सीओ द्वितीय अब्दुल कादिर दौड़ पड़े।

उन्होंने पीड़िता के घर जाकर करीब आधा घंटे तक मामले की पूरी जानकारी ली। पीड़िताओं ने आरोप लगाया कि उनके साथ छेड़छाड़ की गई, कॉलेज जाते समय उन पर फब्तियां कसी गईं, यहां तक कि उनका हाथ पकड़कर खींचा गया, लेकिन पुलिस ने उल्टा उन पर ही 107/116 की कार्रवाई कर दी।

पुलिस क्षेत्राधिकारी सुनीति सिंह ने पीड़ित बहनों को सुरक्षा एवं कार्रवाई का पूरा आश्वासन दिया और थाना प्रभारी को  आरोपियों  के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए।

इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के घर जाकर उनसे भी पूछताछ की। पुलिस क्षेत्राधिकारी सुनीति सिंह ने बताया कि छात्राओं को कुछ फोन नंबर दिए गए हैं ताकि परेशानी होने पर तुरंत फोन कर सकें। 

छेड़छाड़ का मामला पीएमओ तक पहुंचते ही और डीजीपी के ट्वीट के बाद  सहारनपुर पुलिस को ने तीनों बहनों के साथ छेड़छाड़ करने के मामले में पुलिस ने मोहल्ला जनक नगर निवासी   अनुज एवं उसके किराएदार सुभाष के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
 
लखनऊ के दखल के बाद नजर आई सच्चाई ःदस दिन से तीनों बहनें और उनकी मां पुलिस के सामने चिल्ला-चिल्ला कर छेड़छाड़ और अश्लील फब्तियां कसने की शिकायत करती रहीं लेकिन पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनीं और बार-बार थाने से भगा दिया गया।

उन पर फैसले के लिए दबाव तक बनाया गया। तीनों बहनें कॉलेज छोड़कर घर में कैद रहने को मजबूर हो गईं। जैसे ही मामला शासन तक पहुंचा तो तुरंत पुलिस को तीनों की बात में सच्चाई नजर आ गई और आरोपियों पर छेड़छाड़ का मामला दर्ज कर लिया गया।
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