थाना सदर क्षेत्र में बुधवार को पाइन हाल स्कूल के पास सीवर डालने के विवाद में नगर निगम के अवर अभियंता को पीट दिया गया। इसे लेकर जहां नगर निगम से आए अन्य अधिकारी, ठेकेदार और कर्मचारी एकजुट हो गए, वहीं दूसरे पक्ष के समर्थन में बड़ी संख्या में वकीलों ने थाने पहुंचकर काफी हंगामा किया।
दूसरे पक्ष के लोगों ने आरोप लगाया कि पहले अवर अभियंता ने दुर्व्यवहार किया। इस मामले को लेकर दोनों पक्षों की ओर से पहुंचे वकील और नगर निगम के कर्मचारी पुलिस के सामने ही एक दूसरे से भिड़ गए। बमुश्किल उन्हें अलग किया गया।
सदर थाने पहुंचे नगर निगम के अवर अभियंता विजेंद्र और उनके साथ आए अन्य कर्मचारियों और ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि दूसरे पक्ष के लोगों की सहमति के बाद ही सीवर डाला जा रहा था। हालांकि वहां काम के दौरान कुछ लोग अचानक पहुंचे और गलत लेवल का आरोप लगाते हुए उनकी पिटाई शुरू कर दी।
अवर अभियंता ने हमले के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। दूसरे पक्ष से पहुंचे भूपेंद्र सैनी और अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि सीवर के लेवल को लेकर अपनी बात रखते समय अवर अभियंता ने ही दुर्व्यवहार किया। अवर अभियंता के पक्ष में यहां सहायक अभियंता प्रदीप श्रीवास्तव, ठेकेदार रजनीश से लेकर अन्य काफी संख्या में कर्मचारी पहुंचे तो भूपेंद्र पक्ष के समर्थन में अधिवक्ता एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्यपाल सैनी, सचिव अनुराग गुप्ता, सुशील सैनी, चंद्रजीत सिंह निक्कू, अशोक पुंडीर सहित अन्य वकील पहुंचे।
दोनों ओर से दी गई हड़ताल की चेतावनी ः सरकारी कार्य में बाधा के साथ ही अवर अभियंता के साथ मारपीट के आरोप में कार्रवाई की मांग करते हुए नगर निगम कर्मचारियों ने चेतावनी दी। दूसरी ओर, वकीलों ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस ने सरकारी तंत्र के दबाव में आकर जबरन कार्रवाई की तो कोर्ट के कामकाज की हड़ताल कर आगे की रणनीति अपनाई जाएगी।
पुलिस के सामने ही भिड़े
थाने पर अपने-अपने पक्ष में कार्रवाई को लेकर चल रही खींचतान के बीच अवर अभियंता पक्ष से नगर निगम से आए कर्मचारी और दूसरे पक्ष के समर्थन में आए वकील पुलिस के सामने ही एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाते रहे। नौबत यहां तक पहुंची कि पुलिस के सामने ही वकील और निगम कर्मचारी भिड़ गए। बमुश्किल पुलिस ने उन्हें अलग कराया।
दोनों पक्षों के आरोपों की पड़ताल के बाद होगी कार्रवाई
थाना प्रभारी एसके दुबे ने बताया कि नगर निगम और वकील पक्ष के लोगों से जुड़ा मामला होने के कारण दोनों ओर के आरोपों की पूरी पड़ताल के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।