रेप के आरोप में गिरफ्तार किए गए मौलाना मसूद मदनी के परिवार का सरकारों में रसूख किस हद तक रहता है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मदनी के पिता मौलाना असद मदनी से लेकर उनके भाई मौलाना महमूद मदनी तक कई बार राज्यसभा में पहुंच चुके हैं।
केंद्र या राज्य में सरकार किसी की भी हो लेकिन देवबंद के सबसे रसूखदार मदनी परिवार का हर सरकार में दखल रहता है। मसूद मदनी के पिता मौलाना असद मदनी गांधी परिवार के करीबी रहे। यही वजह थी कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के समय में वह तीन बार राज्यसभा में भेजे गए।
मौलाना असद मदनी की इन्हीं नजदीकियों के चलते रेप के आरोप में गिरफ्तार मसूद मदनी को वर्ष 2006 में उत्तराखंड में बनी कांग्रेस सरकार में राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया था। जबकि उसके बाद मसूद के बड़े भाई मौलाना महमूद मदनी को पिता की साख का लाभ मिला और वर्ष 2007 में रालोद के कोटे से उन्हें राज्यसभा भेजा गया था।
इतना ही नहीं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से भी असद मदनी के अच्छे संबंध रहे। वर्ष 2002 में जब आतंकियों ने भारत में गिरफ्तार अपने सरगना को छुड़ाने के लिए कंधार में प्लेन हाईजैक किया था तो अटल बिहारी वाजपेयी ने मौलाना असद मदनी से इस मामले में सलाह ली थी।
रमजान का महीना होने के चलते असद मदनी मसजिद रशीदिया में अहतेकाफ में बैठे हुए थे। अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा असद मदनी से बात करने के लिए कुछ ही घंटों में मसजिद के भीतर हॉटलाइन बिछाई गई थी। इतने रसूखदार परिवार के किसी सदस्य का रेप के इल्जाम में जेल जाना देवबंद के लोगों को चौंकाने वाला है।