सहारनपुर में स्कूल जाते समय कोर्ट रोड से 12वीं की छात्रा को वैन सवार बदमाशों द्वारा अपहरण कर ले जाने मामला झूठा निकला है। एसपी सिटी संजय सिंह ने शुक्रवार को पुलिस लाइन में पत्रकार वार्ता कर इस मामले का खुलासा किया है।
पुलिस ने छात्रा को उसके दो दोस्तों संग देहरादून से बरामद किया है। एसपी के अनुसार पूछताछ में छात्रा ने अपनी मर्जी से दोस्तों संग जाने की बात स्वीकार की है।
दिल्ली रोड स्थित हसनपुर पुलिस चौकी क्षेत्र की निवासी 12वीं कक्षा की एक छात्रा गुरुवार को अपनी सहेली के साथ गिल कॉलोनी स्थित कॉलेज जाते समय गायब हो गई।
छात्रा के परिजनों ने लोगों के साथ मिलकर बेटी के हाथी गेट के पास से चार वैन सवार बदमाशों द्वारा उनकी बेटी का अपहरण करने की बात कहते हुए हसनपुर चौराहे पर जाम लगा दिया था। साथ ही वाहनों में तोड़फोड़ भी की गई।
मामले को संभालने के लिए पुलिस को लाठियां फटकारनी पड़ीं थी। छात्रा के पिता की तहरीर पर चार अज्ञात अपहर्ताओं के विरुद्घ एफआईआर दर्ज कर ली गई थी।
घटना को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी मनोज तिवारी ने एसपी सिटी संजय सिंह, एएसपी सुनीति, सीओ द्वितीय अब्दुल कादिर के नेेतृत्व में पुलिस टीम को घटना की जांच में लगाया था।
पुलिस ने हाथी गेट के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला था, जिसमें अपहरण की घटना की पुष्टि नहीं हो सकी थी। तब से पुलिस मामले को संदिग्ध मानकर चल रही थी।
पुलिस ने इस मामले में छेड़छाड़ के आरोपी बनाए गए शुभम निवासी प्रेमनगर को गुरु वार को ही उठा लिया था, जिससे पूछताछ में पुलिस को काफी जानकारी मिल गई थी।
तमाम जानकारी जुटाने के बाद पुलिस ने बृहस्पतिवार की रात ही देहरादून के सेलाकुई विकासनगर में छापा मारकर छात्रा को रवि पुत्र कर्म सिंह और अनिल पुत्र द्वारपाल निवासी तेलीपुरा के साथ बरामद कर लिया।
पत्रकार वार्ता में एसपी सिटी ने बताया कि छात्रा ने पुलिस पूछताछ में रवि और अनिल के साथ अपनी मर्जी से जाने की बात कही है। वह दोनों के साथ घंटाघर से बाइक पर बैठकर देहरादून के लिए निकली थी।
पुलिस मामले को प्रेम प्रसंग से जुड़ा बता रही है। छात्रा के 164 के बयान होने अभी बाकी हैं। वार्ता के दौरान एएसपी सुनीति और सीओ द्वितीय अब्दुल कादिर मौजूद थे।
छात्रा के परिजन वैन सवार बदमाशों द्वारा उनकी बेटी का अपहरण करने की बात कही जा रही थी। मगर पुलिस पूछताछ में पूरी तस्वीर साफ हो गई। छात्रा ने बताया है कि वह अपने दोस्तों रवि और अनिल के साथ घंटाघर से बाइक पर बैठकर देहरादून गई थी। वैन से अपहरण नहीं हुआ था।