पुलिस की गिरफ्त में सभी आरोपी।
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पांच दिनों से अपहृत स्पेयर्स पॉर्ट्स व्यापारी इमरान का शव शनिवार की देर रात पुलिस ने लबकरी स्थित रजवाहे की पटरी के समीप से बरामद कर लिया। हत्या के बाद शव को तीन फीट गहरे गड्ढे में दबाया गया था।
एसएसपी के अनुसार प्रेम प्रसंग के चलते प्रेमिका के भाई ने साथियों के साथ मिलकर इमरान को मौत के घाट उतार दिया और पुलिस को गुमराह करने के लिए अपहरण की कहानी बनाकर फिरौती की रकम मांगी गई। पुलिस ने चार हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
खान का शव शनिवार की देर रात 12 बजे लबकरी गांव से बरामद कर लिया। रविवार को कोतवाली में खुलासा करते हुए एसएसपी मनोज तिवारी ने बताया कि इमरान की लबकरी गांव निवासी औरंगजेब उर्फ शहजाद से दोस्ती थी। जिसके चलते उसका औरंगजेब के घर आना जाना था। इसी के चलते उसका औरंगजेब की बहन गुलसनव्वर से प्रेम प्रसंग हो गया। जब औरंगजेब को इसकी जानकारी हुई तो उसने इमरान की हत्या का षड्यंत्र रचा।
7 सितंबर की शाम साढ़े छह बजे औरंगजेब ने बहन गुलसनव्वर से फोन कराकर इमरान को लबकरी के जंगल में बुलवाया। जहां पहले से मौजूद औरंगजेब ने गांव के ही साथी जावेद, बादशाह, राजू और चिलकाना के मरोडगढ़ निवासी तहसीन के साथ मिलकर उसे दबोच लिया। उसी दिन रात में करीब आठ बजे उन्होंने एक ट्यूबवेल पर ले जाकर इमरान की गला दबाकर हत्या कर दी और उसके शव को रजवाहे की पटरी के समीप माशूक खां के गन्ने के खेत में करीब तीन फीट का गड्ढ़ा खोदकर दबा दिया।
पुलिस ने गिरफ्तार चारों अभियुक्तों की निशानदेही पर गड्ढे में दबे शव को बरामद कर लिया। पुलिस को गुमराह करने के लिए औरंगजेब ने हत्या करने के बाद उसी के फोन से फिरौती की रकम मांगी। एसएसपी ने बताया कि चारों हत्यारोपियों को पुलिस एवं क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने जामिया तिब्बिया मेडिकल कॉलेज के समीप से गिरफ्तार किया। जबकि औरंगजेब और उसकी बहन गुलसनव्वर फरार हैं। पुलिस टीम उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। जबकि औरंगजेब की प्रेमिका को भी हिरासत में ले रखा है।