सहारनपुर जिले के छोटे से गांव लखनौती में बुधवार को हुए शस्त्र प्रदर्शन ने न सिर्फ पुलिस के होश उड़ा दिए हैं, बल्कि चुनावों में हिंसा रोकने के पुलिस एवं प्रशासन की कवायद को भी पूूरी तरह से ठेंगा दिखा दिया है।
पुलिस ने जिले भर में लाइसेंसी हथियारों को बेशक जमा करा लिया है, लेकिन कानून के साथ खिलवाड़ करने वालों ने पुलिस के लाइसेंसी हथियारों को जमा करने के उद्देश्य को पूरी तरह से ठेंगा दिखा दिया।
ग्राम लखनौती में बुधवार को जिस तरह से लोगों ने खुलकर अवैध शस्त्रों का प्रयोग किया, उससे साफ पता चल रहा है कि जिले में अवैध शस्त्रों की भरमार है, लाइसेंसी हथियारों से कई गुना अवैध शस्त्र हैं।
लखनौती में मामूली बात को लेकर हुए संघर्ष में अवैध हथियारों से जमकर खूनी खेल खेला गया। अवैध शस्त्र लहराते लोगों पर दूर-दूर तक पुलिस एवं कानून का खौफ नजर नहीं आया। एक दो नहीं कई दर्जन राउंड फायरिंग हुई, डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों को गोलियां लगीं।
ऐसे में इस गांव में लोगों के पास अवैध हथियारों की संख्या को देखकर पुलिस के भी होश फाख्ता हैं। जब एक छोटे से गांव का यह हाल है तो जिले के डेढ़ हजार से अधिक गांवों की स्थित को संभालने में क्या हाल होगा।
टेंशन इस बात की भी है कि यहां न सिर्फ तमंचों से खूनी खेल खेला जा रहा है बल्कि देसी बम के साथ भी लोग पकड़े जा रहे हैं। ऐसे में पुलिस के सामने चुनावों में हिंसा को रोक पाना सबसे बड़ी चुनौती होगा।