फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिवालिक में सांभर का शिकार

Sun, 19 Feb 2017 12:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बेहट
विज्ञापन
पकड़ी गई ‌शिकारियों की बोलेरो। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
शिवालिक जंगल में शुक्रवार की रात वन्य जीव सांभर शिकारियों की गोली का निशाना बन गया। फायरिंग की आवाज सुनकर गश्त पर निकली वन विभाग की टीम जब मौके पर पहुंची तो शिकारी अपनी बोलेरो छोड़कर भाग निकले। वनकर्मियों को मौके पर बोलेरो गाड़ी और उसके पास मृत हालत में सांभर मिला, जिसका काफी मांस शिकारी निकालकर ले गए थे।
विज्ञापन


गाड़ी से फरार हुए शिकारियों में से एक आईडी वनकर्मियों को मिली, जिसके आधार पर शिकारियों की पहचान कर विभागीय मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मृतक सांभर का डीएफओ और एसडीओ की मौजूदगी में पीएम कराया गया और उसके बाद उसे दफना दिया गया। 

शिवालिक वन प्रभाग की बादशाही बाग रेंज की चपड़ी खोल में रात करीब 12 बजे गश्त पर निकली रेंजर शरद गुप्ता की अगुवाई वाली वनकर्मियों की टीम को गोली चलने की आवाज सुनाई दी। वनकर्मी गोली चलने की दिशा में चपड़ी खोल में पहुंच गए। वनकर्मियों की गाड़ी की लाइटें पड़ने पर सांभर का मांस निकाल कर रहे शिकारी भाग खड़े हुए। 
विज्ञापन


 बकौल रेंजर भाग रहे शिकारियों में से एक के पास राइफल, एक के पास बंदूक और एक शिकारी पर छुरी थी। जब वे मौके पर पहुंचे तो वहां सफेद रंग की बोलेरो यूके 17 ए/1489 खड़ी थी और उसके पास एक वन्य जीव मृत हालत में पड़ा था, जिसकी शिनाख्त सांभर के रूप में हुई।

वनकर्मियों की टीम ने जंगल में तस्करों की काफी तलाश की लेकिन उनका पता नहीं चल सका। टीम बोलेरो और मृत सांभर को लेकर रेंज कार्यालय बादशाहीबाग पहुंची। गाड़ी तलाशी लेने पर उसमें से सुहेल खान पुत्र तसलीम निवासी गांव संसारपुर के नाम की आईडी मिली, जिसके आधार पर शिकारियों की पहचान की गई। सुबह होने पर डीएफओ आरआर गौतम एवं एसडीओ वीके चौधरी भी रेंज में पहुंचे और घटना की जानकारी की। 

दोनों अधिकारियों की मौजूदगी में पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल कुमार यादव द्वारा मृत सांभर का पीएम कराया गया।   एसडीओ वीके चौधरी ने बताया कि फरार शिकारियों सुहेल खान, वसीम खान, नदीम खान निवासीगण गांव संसारपुर, काला निवासी चांडी भाकरोड़, तालिब निवासी पाजराना और अहमद खान निवासी बेहट के खिलाफ वन अधिनियम 1927, वन्य जीव संरक्षण 1972 और जैव विविधता अधिनियम 2002 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। 
विज्ञापन


पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार सांभर को पहले गोली मारी गई और उसके बाद गला रेता गया। 
- डॉ. अनिल कुमार यादव, पशु चिकित्साधिकारी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें