दिल्ली रोड स्थित कांशीराम आवासीय कालोनी से एक माह की बच्ची को अगवा करने के मामले में नया खुलासा सामने आया है। बच्ची के माता-पिता की ओर से बताया गया कि आरोपी महिलाओं ने बच्ची को ले जाने से पहले बहलाकर धोखे से उनसे कोरे स्टांप पर साइन करवाए लिए थे।
इस तरह हस्ताक्षर करवाने का मकसद यही रहा कि बच्ची को किसी अन्य दंपति को बेचते समय किसी कानूनी चक्कर में पड़ने से बच जाएं। इस मामले में नगर कोतवाली में भी एक मुकदमा दर्ज किया गया है।
कांशीराम आवासीय परिसर से 28 मार्च की शाम शंकर की एक माह की बेटी सारिका को घर से दो महिलाएं अगवा कर ले गई थी। शंकर की पत्नी रचना ने नगर कोतवाली के राधा विहार निवासी आरोपी महिला सुनीता और पिंजौरा की ऊषा के खिलाफ उसकी बेटी को घर से खिलाने के बहाने अगवा कर ले जाने की रिपोर्ट थाना सदर बाजार दर्ज कराई थी।
शुक्रवार को पुलिस ने बच्ची को बरामद करने के साथ एक आरोपी महिला सुनीता को भी गिरफ्तार कर लिया था। दूसरी महिला ऊषा पुलिस की गिरफ्त से बच गई।
आरोपी महिला से पूछताछ में पता चला था कि इस बच्ची को किसी दंपति को बेचने की तैयारी थी। इसके चलते पुलिस बच्ची को बेचने में माता-पिता की भूमिका की भी जांच कर रही थी।
पुलिस की छानबीन में अभिभावकों की ओर से यह बताया गया कि कांशीराम कालोनी से बच्ची को अगवा करने से पहले महिलाओं ने रचना को बहलाते हुए धोखे से कोरे स्टांप पर हस्ताक्षर करवाए। इसके बदले बच्ची के लिए कुछ आर्थिक मदद दिलाने का दावा किया गया।
नगर कोतवाल संजय पांडेय ने बताया कि शंकर की तहरीर पर दोनों आरोपी महिलाओं के खिलाफ धारा 384 के तहत नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। बच्ची को अगवा करने का मामला पहले से ही सदर कोतवाली में दर्ज किया गया था।
ऊषा की गिरफ्तारी से खुलेंगे बड़े राज
सदर प्रभारी एसके दुबे और नगर कोतवाल संजय पांडेय का कहना है कि बच्ची को अगवा करने के मामले में गिरफ्तार महिला सुनीता ने पूछताछ में ज्यादा जानकारी नहीं दी है।
उसकी ओर से बच्चों को अगवा करने की सारी जिम्मेदारी दूसरी महिला ऊषा पर डाली गई है। इसीलिए ऊषा की गिरफ्तारी के बाद ही बच्चों को अगवा करने के बारे में बड़े राज खुल सकते हैं।
उत्तराखंड से हरियाणा तक सक्रिय होने की संभावना
पुलिस सूत्रों की माने तो बच्ची को अगवा करने वाली महिलाओं की सक्रियता उत्तराखंड से हरियाणा तक होने की संभावना है। यह पता लगाया जा रहा है कि महिलाओं ने पहले भी कुछ बच्चों को अगवा कर बेचा तो नहीं है। यदि ऐसा किया गया है तो किस तरह से और किन किन शहरों में सौदा कराया गया।
बच्चों को नाम, पते, फोन नंबर याद कराएं
जिले में बच्चों के गायब होने की घटनाओं को देखते हुए एएसपी सुनीति ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को नाम, पते के साथ ही माता पिता के फोन नंबर तक याद दिलाने की कोशिश करें ताकि अगवा करने जैसी किसी घटना के समय उनके बारे में जल्द से जल्द जानकारी जुटाई जा सके। घर के साथ ही स्कूल के नाम, पते और फोन नंबर भी याद कराए जा सकते हैं।