सहारनपुर में नकली नोटों के कारोबार का खुलासा कर 30.04 पकड़े जाने के मामले में पुलिस ने चार अन्य आरोपियों को ग्राम रसूलपुर से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से नकली सोने की ईंट, 42 हजार रुपये के नकली नोट, प्रिंटर एवं स्कैनर भी बरामद किया है।
बेहट में 8 नवंबर को पकड़े गए 30.04 लाख रुपये के नकली नोटों के मामले में कोर्ट में सरेंडर करने वाले आरोपी आशिक प्रधान को रिमांड पर लेकर बिहारीगढ़ पुलिस ने पूछताछ की तो नकली नोटों का कारोबार करने वाले पूरे गिरोह का पर्दाफाश हो गया।
आशिक प्रधान से पूछताछ करने के बाद बिहारीगढ़ पुलिस ने बुधवार को नकली नोटों के आरोपियों की तलाश में देहात कोतवाली के ग्राम रसूलपुर में दबिश दी। पुलिस ने एक मकान की घेराबंदी कर चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। चारों के गिरफ्तार होने के बाद नकली नोटों के बड़े कारोबार का खुलासा हुआ।
आरोपियों ने नकली सोने की ईंट बनाकर बड़े व्यापारी को ठगने की तैयारी कर रखी थी। बिहारीगढ़ थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस ने चारों की निशानदेही पर एक मकान से नकली सोने की ईंट, 42 हजार रुपये के नकली नोट, प्रिंटर, स्कैनर एवं कंप्यूटर बरामद कर लिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने अपना नाम अनवर निवासी पीर बोडोली थाना झिंझाना शामली, हाल पता धर्मपुर चौक, थाना नेहरू कालोनी, देहरादून, मुहम्मद रफीक उर्फ मुल्लाजी निवासी पीर बोडोली, झिंझाना, हाल पता ग्राम गंदेवड़ा थाना फतेहपुर सहारनपुर, वसीम निवासी 99 गंग विहार देहरादून एवं माइकल एंथेनी निवासी सर्कुलर रोड थाना डालनवाला, देहरादून बताया। पुुलिस ने चारों आरोपियों एवं रिमांड पर लिए गए आशिक के साथ जेल भेज दिया है। अन्य आरोपियों को तलाश रही है।
नकली नोटों की सप्लाई करने के मामले के आरोपी आशिक प्रधान ने पुलिस से बचकर 17 नवंबर को कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। बिहारीगढ़ पुलिस ने दो दिन पूर्व आशिक प्रधान को 48 घंटे की रिमांड पर लेकर पूछताछ की। पुलिस की सख्ती के सामने आशिक प्रधान अधिक देर नहीं टिक सका और पूरे कारोबार का भंडाफोड़ कर डाला। उसकी निशानदेही पर ही पुलिस ने नकली नोटों के छापाखाना को पकड़ा।